गणेशोत्सव में मुंबई मार्च रद्द करें, बातचीत से सुलझेंगे मुद्दे: आशीष शेलार की जरांगे पाटिल से अपील
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से अपील की कि वे गणेशोत्सव और गौरी उत्सव के दौरान मुंबई तक प्रस्तावित मार्च को रद्द करें और बातचीत के ज़रिए अपनी मांगें रखें। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेलार ने कहा कि महायुति सरकार मराठा समुदाय के सभी लंबित मुद्दों पर संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है।
मार्च रोकने की अपील और त्योहारी मौसम
मंत्री शेलार ने सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध किया कि मुंबई और पुणे सहित पूरे राज्य में त्योहारों के मौसम में नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने जरांगे पाटिल से कहा कि गणेशोत्सव जैसे महत्वपूर्ण उत्सव के दौरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे आम जनता को परेशानी हो।
मराठा समुदाय की माँगों पर सरकार का रुख
शेलार ने बताया कि मराठा समुदाय की 14 प्रमुख माँगों में से 13 पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। शेष मुद्दों पर राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में महायुति सरकार बातचीत के ज़रिए हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम
मंत्री शेलार ने बताया कि महायुति सरकार ने मराठा आरक्षण के लिए विशेष कानून बनाया है, एसईबीसी कोटा लागू किया है और ईडब्ल्यूएस के तहत अवसर दिए हैं। इसके अलावा अदालत में कोटे का बचाव करने के लिए मज़बूत कानूनी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गई है। जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, दस्तावेज़ संबंधी नियम आसान किए गए हैं और एक समर्पित आयोग का गठन किया गया है।
सरकार ने मराठा छात्रों के लिए ओबीसी के बराबर छात्रवृत्ति और रखरखाव भत्ता देने के सरकारी आदेश भी जारी किए हैं। चुने गए उम्मीदवारों की नियुक्तियों को सुरक्षित रखने का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
अपमानजनक भाषा पर नाराज़गी
मंत्री शेलार ने जरांगे पाटिल के आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'हर किसी को अपनी बात रखने और अपनी माँगों के लिए आंदोलन करने का अधिकार है। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोगों का अपमान करने वाली भाषा सही नहीं है।'
जरांगे पाटिल के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
मंत्री शेलार ने मनोज जरांगे पाटिल के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'सरकार को भी उनकी सेहत की परवाह है। उन्हें अपनी माँगों पर सकारात्मक सोच के साथ बातचीत करनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण आंदोलन महाराष्ट्र में लंबे समय से चल रहा है और त्योहारी सीज़न में इसके तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि जरांगे पाटिल पहले भी कई बार अनशन और मार्च के ज़रिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर चुके हैं।