मराठा आरक्षण: फडणवीस बोले- 14 में से 12 मांगें मानी, जरांगे पाटिल का मुंबई कूच जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 15 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण आंदोलन के अगुआ मनोज जरांगे पाटिल की 14 में से 12 मुख्य मांगें पहले ही स्वीकार कर चुकी है, जबकि शेष मांगें विचाराधीन हैं। यह बयान उस वक्त आया जब जरांगे पाटिल अंतर्वाली सारथी से मुंबई के आज़ाद मैदान की ओर रवाना हो चुके थे और आगामी गणेशोत्सव से पहले राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया था।
सरकार का रुख और मांगों पर स्थिति
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'सरकार उनकी 14 मुख्य मांगों में से 12 को मान चुकी है और उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि त्योहारों के दौरान ऐसे निर्णयों की अपेक्षा की जाती है जिनसे जनता को असुविधा न हो। गौरतलब है कि जरांगे पाटिल का मुंबई में प्रदर्शन का प्रारंभिक आवेदन पुलिस द्वारा खारिज किया जा चुका है। फडणवीस ने कहा कि यदि नया आवेदन दिया जाता है, तो उस पर विचार होगा।
गणेशोत्सव और कानून-व्यवस्था की चिंता
मुख्यमंत्री ने मुंबई और पुणे में गणेशोत्सव के बड़े पैमाने पर आयोजन का हवाला देते हुए आशा व्यक्त की कि उत्सव में कोई बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 'विरोध प्रदर्शन आम बात है और जरांगे पाटिल पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं।'
उपमुख्यमंत्री शिंदे की अपील
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण मुद्दे के राजनीतिकरण पर चिंता जताई और त्योहारी मौसम में श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने को सरकार का दायित्व बताया। उन्होंने कहा, 'ऐतिहासिक रूप से 58 मराठा रैलियाँ शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गईं और जनता को कोई परेशानी नहीं हुई — अब सभी को इसी तरह का संयम बरतना चाहिए।'
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण की माँग महाराष्ट्र की राजनीति में वर्षों से केंद्रीय मुद्दा बनी हुई है। जरांगे पाटिल कुनबी प्रमाण-पत्र और ओबीसी सूची में मराठा समुदाय को शामिल किए जाने जैसी माँगों को लेकर कई बार अनशन कर चुके हैं। शिंदे ने कहा कि 'सरकार ने हमेशा सकारात्मक और खुले विचारों वाला दृष्टिकोण अपनाया है तथा दूसरे पक्ष से भी बिना किसी राजनीतिक मकसद के रचनात्मक दृष्टिकोण की अपेक्षा है।'
आगे क्या होगा
जरांगे पाटिल का मुंबई के आज़ाद मैदान पहुँचना और प्रस्तावित भूख हड़ताल की स्थिति अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी। राज्य सरकार की निगाहें गणेशोत्सव के दौरान स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर टिकी हैं, जबकि आंदोलनकारी अपनी शेष माँगों पर दबाव बनाए हुए हैं।