क्या गणेशोत्सव के बीच 'मराठा आरक्षण मार्च' का आयोजन उचित है?

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क्या गणेशोत्सव के बीच 'मराठा आरक्षण मार्च' का आयोजन उचित है?

सारांश

गणेशोत्सव के दौरान 'मराठा आरक्षण मार्च' का आयोजन मुंबई में हो रहा है। इससे आम लोगों को परेशानी हो सकती है। मंत्री योगेश कदम ने मार्च की तारीख पर पुनर्विचार करने की अपील की है। क्या ऐसे समय पर आंदोलन उचित है? जानिए सभी पहलुओं को इस लेख में।

Key Takeaways

  • गणेशोत्सव और मराठा आरक्षण का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
  • योगेश कदम ने शहर की व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
  • संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है।

मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं। इस बार यह मार्च ऐसे समय में हो रहा है जब गणेशोत्सव की धूम पूरे महाराष्ट्र और देश भर में देखने को मिल रही है। राज्य के मंत्री योगेश रामदास कदम ने इस मराठा मार्च को लेकर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, "हर साल गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु मुंबई आते हैं। यदि 'मराठा मार्च' इसी समय होता है, तो आम जनता को बड़ी असुविधा हो सकती है और पुलिस बल पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से मनोज जरांगे पाटिल से निवेदन करूंगा कि वे मार्च की तिथि पर पुनर्विचार करें। मुंबई की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और प्रशासन पूरी तैयारी में है।"

योगेश कदम ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी स्थिति बिगड़े नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन त्योहार के समय इसे थोड़ा टालने पर विचार करना चाहिए ताकि दोनों बड़े आयोजन एक-दूसरे पर नकारात्मक असर न डालें।

वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दादा भुसे ने भी जरांगे पाटिल के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा, "मनोज जरांगे की मांगें वाजिब हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन, इस समय पूरा देश, विशेषकर मुंबई और कोकण क्षेत्र, गणपति बाप्पा के आगमन का उत्सव मना रहा है। ऐसे में आंदोलन करने के बजाय यदि वे सरकार से संवाद करें, तो समाधान जल्दी निकल सकता है।"

दादा भुसे ने जरांगे पाटिल से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से सीधे चर्चा करने की अपील करते हुए कहा कि संवाद से ही स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने कहा, "मैं विनम्रता से आग्रह करता हूं कि वे बातचीत का रास्ता चुनें।"

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम दोनों पक्षों की चिंताओं को समझें। गणेशोत्सव एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जबकि आरक्षण की मांग भी एक गंभीर मुद्दा है। दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

गणेशोत्सव के दौरान 'मराठा आरक्षण मार्च' क्यों हो रहा है?
मराठा समुदाय अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है, और यह समय गणेशोत्सव का है, जो बड़ी संख्या में लोगों को मुंबई में आकर्षित करता है।
मंत्री योगेश कदम ने क्या कहा?
उन्होंने मार्च की तारीख पर पुनर्विचार करने की अपील की ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
दादा भुसे का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का सुझाव दिया है।