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क्या राजस्थान ने चुनावी सुधारों में 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?

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क्या राजस्थान ने चुनावी सुधारों में 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?

सारांश

राजस्थान ने चुनावी सुधारों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मतदाता सूची का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण होने से चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और नागरिक-हितैषी हो गई है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल की बारीकियों को।

मुख्य बातें

राजस्थान में मतदान प्रक्रिया का पूर्ण डिजिटलीकरण पारदर्शिता और सुविधा में वृद्धि टीम वर्क और प्रौद्योगिकी सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा बूथ-वार मतदाता सत्यापन में सुधार

जयपुर, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान ने चुनावी सुधारों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को यह जानकारी दी गई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण संपन्न कर लेने वाला राजस्थान पहला राज्य बन गया है।

यह उपलब्धि आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी चुनावी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवीन महाजन ने इसे टीम राजस्थान की सामूहिक सफलता बताया।

उन्होंने बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ), पर्यवेक्षकों, सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों, निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की फील्ड टीमों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए असाधारण समन्वय, गति और अनुशासन के साथ कार्य किया।

सीईओ महाजन के अनुसार 97 प्रतिशत से अधिक मतदाता मानचित्रण का कार्य पूरा हो चुका है, जिसका अर्थ है कि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान केवल तीन प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज जमा करने होंगे।

उन्होंने कहा कि औसतन, प्रत्येक मतदान केंद्र पर केवल लगभग 30 मतदाताओं को दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

महाजन ने कहा कि सटीक मानचित्रण ने प्रक्रिया को सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाया है, साथ ही बूथ-वार मतदाता सत्यापन में सुधार किया है और कागजी कार्रवाई को न्यूनतम किया है।

उन्होंने बताया कि सभी परिचालन स्तरों पर स्पष्ट दिशानिर्देश और निरंतर निगरानी लागू की गई है।

महाजन ने इस सफलता का श्रेय सूक्ष्म प्रबंधन, टीम वर्क और तकनीक को दिया, विशेष रूप से बीएलओ और जमीनी स्तर के कर्मचारियों के अथक प्रयासों की सराहना की।

सीईओ महाजन ने सत्यापन के दौरान सहयोग और जागरूकता के लिए राजस्थान के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने राज्य के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, मजदूरों और दूरदराज के निवासियों की भागीदारी पर प्रकाश डाला।

आगामी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की अंतिम तिथि 16 दिसंबर है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2026 तक प्रकाशित की जाएगी।

महाजन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारूप सूची जारी होने के बाद अपने विवरण की समीक्षा करें और एसआईआर के अगले चरणों में सक्रिय रूप से भाग लें।

-राष्ट्र प्रेस

एमएस/

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। यह दर्शाता है कि बेहतर चुनावी प्रक्रिया के लिए तकनीकी सुधार आवश्यक हैं। देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाना और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाना हर सरकार का कर्तव्य है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान ने मतदाता सूची का डिजिटलीकरण कब पूर्ण किया?
राजस्थान ने मतदाता सूची का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण 6 दिसंबर 2023 को पूर्ण किया।
इस उपलब्धि के लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार थे?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इस उपलब्धि के लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य फील्ड टीमों का धन्यवाद किया।
मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की अंतिम तिथि क्या है?
मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की अंतिम तिथि 16 दिसंबर है।
राष्ट्र प्रेस
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