राजस्थान: पंचायती राज में फर्जी भर्तियों की गंभीर जांच का आदेश
सारांश
Key Takeaways
- पंचायती राज विभाग में फर्जी भर्तियों की गंभीर जांच
- दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन
- विभागीय पदोन्नति समिति की सक्रियता
- कर्मचारियों की लंबित मांगों पर ध्यान
- राजस्थान में शिक्षा विभाग की प्रगति
जयपुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया है कि पंचायती राज विभाग में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नियुक्तियां लेने वाले व्यक्तियों की गंभीर जांच चल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों को दोषी ठहराया जाएगा, उन्हें बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मदन दिलावर ने कहा कि विशेष अभियान समूह इस मामले की गहन जांच कर रहा है और जांच के परिणामों के आधार पर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कोटा के धरणीधर गार्डन में पंचायती राज विभाग के मंत्रिस्तरीय कर्मचारी संघ के अभिनंदन समारोह में कहा कि प्रशासनिक सुधारों के तहत उन्होंने सभी विभागों में लंबित पदोन्नतियों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। परिणामस्वरूप, शिक्षा विभाग में 50,000 से अधिक पदोन्नतियां हो चुकी हैं, जबकि 25,000 अन्य पदोन्नतियां प्रक्रियाधीन हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंचायती राज विभाग में भी सभी कैडरों में पदोन्नतियां हो रही हैं।
मंत्री ने बताया कि हाल ही में विभागीय पदोन्नति समिति ने 750 मंत्रालयी कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी है और इसी प्रक्रिया का पालन अन्य विभागों में भी किया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा विभाग में सभी श्रेणियों में पदोन्नति पूरी हो चुकी है।
मंत्री ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के संबंध में पंचायती राज विभाग में एक कैडर समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जयपुर पहुंचने पर, मैं अधिकारियों को इस मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करूंगा।
कार्यक्रम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिसमें मंत्री के कर्मचारी संघ के सदस्यों ने नारे लगाकर और तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। हाल ही में पदोन्नति के निर्णयों के लिए उन्हें 51 किलोग्राम की पुष्पमाला भेंट की गई। राजस्थान के विभिन्न जिलों के कर्मचारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल भी अन्य विभागीय प्रतिनिधियों के साथ मंच पर उपस्थित थे।