14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान: पंचायती राज में फर्जी भर्तियों की गंभीर जांच का आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान: पंचायती राज में फर्जी भर्तियों की गंभीर जांच का आदेश

सारांश

जयपुर में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्तियों की जांच की बात कही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

पंचायती राज विभाग में फर्जी भर्तियों की गंभीर जांच दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन विभागीय पदोन्नति समिति की सक्रियता कर्मचारियों की लंबित मांगों पर ध्यान राजस्थान में शिक्षा विभाग की प्रगति

जयपुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया है कि पंचायती राज विभाग में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नियुक्तियां लेने वाले व्यक्तियों की गंभीर जांच चल रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों को दोषी ठहराया जाएगा, उन्हें बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मदन दिलावर ने कहा कि विशेष अभियान समूह इस मामले की गहन जांच कर रहा है और जांच के परिणामों के आधार पर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कोटा के धरणीधर गार्डन में पंचायती राज विभाग के मंत्रिस्तरीय कर्मचारी संघ के अभिनंदन समारोह में कहा कि प्रशासनिक सुधारों के तहत उन्होंने सभी विभागों में लंबित पदोन्नतियों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। परिणामस्वरूप, शिक्षा विभाग में 50,000 से अधिक पदोन्नतियां हो चुकी हैं, जबकि 25,000 अन्य पदोन्नतियां प्रक्रियाधीन हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंचायती राज विभाग में भी सभी कैडरों में पदोन्नतियां हो रही हैं।

मंत्री ने बताया कि हाल ही में विभागीय पदोन्नति समिति ने 750 मंत्रालयी कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी है और इसी प्रक्रिया का पालन अन्य विभागों में भी किया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा विभाग में सभी श्रेणियों में पदोन्नति पूरी हो चुकी है।

मंत्री ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के संबंध में पंचायती राज विभाग में एक कैडर समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि जयपुर पहुंचने पर, मैं अधिकारियों को इस मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करूंगा।

कार्यक्रम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिसमें मंत्री के कर्मचारी संघ के सदस्यों ने नारे लगाकर और तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। हाल ही में पदोन्नति के निर्णयों के लिए उन्हें 51 किलोग्राम की पुष्पमाला भेंट की गई। राजस्थान के विभिन्न जिलों के कर्मचारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल भी अन्य विभागीय प्रतिनिधियों के साथ मंच पर उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस प्रकार की जांच से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा मिलेगा। फर्जी भर्तियों का मामला गंभीर है और इससे प्रभावित सभी कर्मचारियों के भविष्य और समाज पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचायती राज विभाग में फर्जी भर्तियों की जांच कब शुरू हुई?
जांच 10 अप्रैल को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर द्वारा घोषित की गई।
फर्जी भर्तियों के दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
दोषियों को बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस जांच का नेतृत्व कौन कर रहा है?
विशेष अभियान समूह इस मामले की जांच कर रहा है।
क्या अन्य विभागों में भी पदोन्नतियां हो रही हैं?
हाँ, अन्य विभागों में भी पदोन्नतियों की प्रक्रिया चल रही है।
क्या मंत्री ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई आश्वासन दिया है?
मंत्री ने कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कैडर समीक्षा का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले