राजौरी में ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ का सफल आयोजन

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राजौरी में ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ का सफल आयोजन

सारांश

राजौरी में आयोजित ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ कार्यक्रम ने युवाओं को लोकतांत्रिक मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने अपने विचारों को साझा किया और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक था।

Key Takeaways

  • युवाओं को लोकतांत्रिक मंच प्रदान करना आवश्यक है।
  • महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से जागरूकता बढ़ती है।
  • प्रतिभागियों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर किया गया।
  • राज्य स्तर की प्रतियोगिता में चयन का अवसर।
  • संविधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है।

राजौरी, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। युवाओं में जागरूक, जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला 'माय भारत' ने राजौरी के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक लोकतांत्रिक मंच प्रदान करना था, जहाँ वे अपने विचारों को स्वतंत्रता से व्यक्त कर सकें, महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सकें और भारत की संवैधानिक यात्रा पर विचार विमर्श कर सकें।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने “आपातकाल के 50 साल: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने प्रभावशाली भाषणों और तर्कों के माध्यम से भारत के राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण काल को याद किया। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा, मौलिक अधिकारों की रक्षा, और जनभागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

निर्णायक मंडल में डॉ. महमूद बज्जर (सेवानिवृत्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी एवं एएच राजौरी), प्रो. बशीर अहमद (सेवानिवृत्त प्राचार्य, जीडीसी बुधाल), संदीप शर्मा (जिला सांख्यिकी एवं मूल्यांकन अधिकारी, राजौरी), विक्रांत शर्मा (युवा पुरस्कार विजेता) और सोफिया शाहीन (एचओडी, डीआईईटी राजौरी) शामिल थे। उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनके विषय-वस्तु, स्पष्टता, आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ के आधार पर किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन नितिन हंगलू (डिप्टी डायरेक्टर, माय भारत राजौरी) और डॉ. खलीक अहमद (पीओ एनएसएस, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज राजौरी) ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अनवर शाह (प्राचार्य, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज राजौरी) थे। इस अवसर पर डॉ. सलीम वानी, डॉ. मुर्तजा और कनव बद्याल भी उपस्थित रहे।

जिला स्तर पर चुने गए शीर्ष 10 प्रतिभागी अब राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तर पर शीर्ष 3 विजेता राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचेंगे, जिसका आयोजन भारत की संसद में होगा। यह उनके लिए राष्ट्रीय मंच पर अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने और ‘विकसित भारत’ के सपने को आगे बढ़ाने का एक सम्मानजनक अवसर होगा।

Point of View

बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को भी प्रोत्साहित करता है। युवाओं की भागीदारी से ही हम एक मजबूत लोकतंत्र बना सकते हैं।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को एक लोकतांत्रिक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने विचार और मुद्दों पर चर्चा कर सकें।
कार्यक्रम में कौन-कौन से विषयों पर चर्चा हुई?
कार्यक्रम में 'आपातकाल के 50 साल: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख' विषय पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में कौन-कौन शामिल थे?
निर्णायक मंडल में डॉ. महमूद बज्जर, प्रो. बशीर अहमद, संदीप शर्मा, विक्रांत शर्मा और सोफिया शाहीन शामिल थे।
इस कार्यक्रम का आयोजन कब हुआ था?
यह कार्यक्रम 26 फरवरी को राजौरी के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में आयोजित किया गया।
राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों का चयन कैसे होगा?
जिला स्तर पर चुने गए शीर्ष 10 प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
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