रानी चटर्जी ने 'लखनऊ की बड़की पटना की छोटकी' का BTS वीडियो किया शेयर, फैंस से पूछा — 'क्या सुना गाना?'
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री रानी चटर्जी ने शनिवार, 30 मई को अपनी आगामी फिल्म 'लखनऊ की बड़की पटना की छोटकी' के चर्चित गाने 'यू. पी. वाली बिहार वाली' का बिहाइंड-द-सीन्स (BTS) वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने फैंस से सवाल किया — 'क्या आपने गाना सुना?' — जिसने सोशल मीडिया पर फिल्म की चर्चा को और तेज़ कर दिया।
BTS वीडियो में क्या दिखा
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में रानी चटर्जी के साथ उनकी सह-कलाकार संजना सिंह भी नज़र आईं। दोनों अभिनेत्रियाँ गाने की धुन पर परफॉर्म करती दिखीं। वीडियो में फिल्म के निर्देशक मंजुल ठाकुर दोनों कलाकारों को गाने के स्टेप्स और उनके पीछे के भावों की बारीकियाँ समझाते हुए दिखाई दिए — जो किसी भी भोजपुरी प्रोडक्शन के लिए असामान्य रूप से विस्तृत निर्देशन प्रक्रिया को दर्शाता है।
फिल्म की कहानी और किरदार
फिल्म की कथा दो बहुओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है — एक लखनऊ की शानोशौकत भरी जेठानी और दूसरी पटना की सादगी-पसंद देवरानी। रानी चटर्जी जेठानी के किरदार में हैं जो उत्तर प्रदेश से हैं, जबकि संजना सिंह बिहार की देवरानी की भूमिका में हैं। एक ही घर में दो अलग-अलग राज्यों की संस्कृतियों के टकराव से उपजी नोकझोंक और प्यार भरे झगड़े फिल्म का केंद्रीय विषय हैं।
फिल्म की कहानी अरविंद तिवारी ने लिखी है। मुख्य कलाकारों के अलावा प्रशांत सिंह, अलोक सिंह, रीना रानी, ललित उपाध्याय, श्वेता वर्मा और प्रेम दुबे भी महत्त्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
नाम बदलने की दिलचस्प कहानी
गौरतलब है कि फिल्म का मूल नाम 'यू. पी. वाली बिहार वाली' था, लेकिन निर्माताओं ने रिलीज़ से पहले ही इसे बदलकर 'लखनऊ की बड़की पटना की छोटकी' कर दिया। यह नाम फिल्म के दोनों मुख्य किरदारों की भौगोलिक पहचान को सीधे दर्शाता है और दर्शकों के लिए अधिक संवादात्मक प्रतीत होता है।
टेलीविजन प्रीमियर और दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर 23 और 24 मई को बी4यू भोजपुरी चैनल पर हुआ। प्रसारण के बाद दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म के निर्माता संदीप सिंह और मंजुल ठाकुर हैं। BTS वीडियो की टाइमिंग — टेलीविजन प्रीमियर के ठीक एक हफ्ते बाद — दर्शकों की रुचि को बनाए रखने की एक सुनियोजित रणनीति मानी जा रही है।