क्या मतदान लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है? : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
सारांश
Key Takeaways
- मतदान लोकतंत्र का एक मूलभूत अधिकार है।
- चुनाव आयोग सभी मतदाताओं को शामिल करने के लिए प्रयासरत है।
- जनभागीदारी लोकतांत्रिक भावना को सशक्त बनाती है।
- हर मतदाता की आवाज महत्वपूर्ण है।
- नागरिकों को अपने संविधानिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली में आयोजित १६वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की मजबूती केवल मतदाताओं की बड़ी संख्या में ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी निहित है। यहां तक कि सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं।
उन्होंने जागरूक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी व्यक्तियों की सराहना की, जिन्होंने मताधिकार के उपयोग के प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जनभागीदारी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए हैं कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे। मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा इस वर्ष चुना गया विषय, 'मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक', हमारे लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है और मतदान के अधिकार के महत्व को रेखांकित करता है।
उन्होंने आगे कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है। यह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है। यह नागरिकों के लिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक साधन भी है। सभी वयस्क नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के प्राप्त मतदान का अधिकार, राजनीतिक और सामाजिक न्याय और समानता के हमारे संवैधानिक आदर्शों को मूर्त रूप देता है। हमारे संविधान में निहित 'एक व्यक्ति, एक वोट' प्रणाली, आम जनता की बुद्धिमत्ता में हमारे संविधान निर्माताओं के दृढ़ विश्वास का परिणाम थी। हमारे देश के मतदाताओं ने उनके विश्वास को सही साबित किया है, और भारतीय लोकतंत्र ने विश्व मंच पर एक असाधारण उदाहरण के रूप में सम्मान अर्जित किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी उतना ही आवश्यक है कि सभी वयस्क नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी मतदाता, प्रलोभन, अज्ञानता, गलत सूचना, दुष्प्रचार और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर, अपनी अंतरात्मा की शक्ति से हमारी चुनावी प्रणाली को सशक्त करेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने देशभर के सभी युवा मतदाताओं को बधाई दी, जिन्हें उनके मतदाता पहचान पत्र मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्ड उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने का अमूल्य अधिकार प्रदान करता है। आज के मतदाता भारत के भविष्य के निर्माता हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के सभी युवा मतदाता जिम्मेदारी से अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करेंगे और राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।