क्या राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को ईडी के समन से बरी किया?
सारांश
Key Takeaways
- राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया।
- ईडी ने समन का पालन न करने का आरोप लगाया।
- इस मामले से राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मची है।
- सीबीआई और ईडी की जांच जारी है।
- सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन से संबंधित मामलों में बरी किया है। यह आदेश राऊज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) पारस दलाल ने जारी किया।
गुरुवार को, केजरीवाल को शराब नीति से संबंधित मामले में ईडी के समन से जुड़े मामले में राहत मिली। वहीं, अमानतुल्लाह खान को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के समन पर पेश नहीं होने की वजह से राहत दी गई।
ईडी ने फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राऊज एवेन्यू कोर्ट में एक याचिका दायर की। एजेंसी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने जांच में शामिल होने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत जारी किए गए समन का जानबूझकर पालन नहीं किया।
ईडी की जांच सीबीआई द्वारा 17 अगस्त 2022 को दर्ज एक मामले से शुरू हुई थी, जो 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से संबंधित थी।
सीबीआई का मामला 20 जुलाई 2022 को राज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसके बाद, ईडी ने 22 अगस्त 2022 को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से एक मामला दर्ज किया। केजरीवाल ने कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में पांच समन के बावजूद केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश होने का निर्णय नहीं लिया।
आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर 'साउथ ग्रुप' नामक एक कार्टेल से रिश्वत लेने का आरोप है, जो राष्ट्रीय राजधानी में शराब की बिक्री और वितरण को नियंत्रित करता था। आरोप है कि इस ग्रुप ने कथित तौर पर 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तैयार की गई आबकारी नीति से लाभ उठाया।
इस मामले में केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार भी किया था, लेकिन कुछ महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।