शुभमन गिल ने वनडे सीरीज के बाद रोहित, विराट, राहुल और जडेजा पर दिया बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
कप्तान शुभमन गिल ने 4 अक्टूबर 2026 को पीसीए स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में भारत बनाम वेस्टइंडीज तीसरे वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीनियर खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने की वजह भी साफ की। भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की, लेकिन गेंदबाजी विभाग की कमज़ोरी ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।
जडेजा को बाहर रखने की वजह
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने स्पष्ट किया कि जडेजा को ड्रॉप नहीं बल्कि आराम दिया गया था। उन्होंने कहा, 'रवींद्र जडेजा को ड्रॉप किया गया था। हमने उन्हें आराम दिया क्योंकि आज हमारे पास दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने का समय था। जब कोई सीरीज सिर्फ तीन मैच लंबी होती है, तो बाहर बैठे खिलाड़ियों को अनुभव देना बहुत मुश्किल हो जाता है।'
गिल ने वर्ल्ड कप की तैयारियों का हवाला देते हुए जोड़ा, 'आगे चलकर, वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए, सिलेक्टर्स के साथ हमारी बातचीत उन खिलाड़ियों को स्क्वॉड में रखने पर होगी जो अपने स्किल सेट से हमें ज़्यादा फायदा दे सकते हैं।'
रोहित, विराट और राहुल की बल्लेबाज़ी पर गिल की राय
रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल के प्रदर्शन पर गिल ने कहा, 'वे सच में बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार इनिंग्स में कुछ सेंचुरी बनाई हैं — वह सच में शानदार फॉर्म में हैं। विराट भाई ने भी अच्छी बल्लेबाज़ी की है। केएल को जब भी मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए काम किया है — उन्होंने मेहनत की है और शानदार बल्लेबाज़ी की है।'
गौरतलब है कि रोहित ने इस सीरीज में दूसरे वनडे में शतक और तीसरे वनडे में 92 रन बनाए, जो शतक से मात्र 8 रन कम रहा। विराट ने पहले वनडे में शतक जड़ा, जबकि केएल राहुल को पहले दो मैचों में बल्लेबाज़ी का अवसर नहीं मिला, लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने भी शतक ठोका।
गिल की व्यक्तिगत उपलब्धियाँ
कप्तान गिल ने इस सीरीज में खुद शानदार प्रदर्शन किया — पहले वनडे में शतक और दूसरे वनडे में दोहरा शतक लगाकर उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ बल्लेबाज़ी में भी अपना लोहा मनवाया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वर्ल्ड कप की तैयारियों में व्यस्त है और नई संयोजन की तलाश जारी है।
गेंदबाज़ी की कमज़ोरी — बड़ी चिंता
सीरीज जीत के बावजूद भारतीय गेंदबाज़ी विभाग का प्रदर्शन चिंताजनक रहा। दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने 400 से अधिक रन बनाए और तीसरे मुकाबले में 352 रनों के लक्ष्य को 5 विकेट से हासिल कर लिया। यह भारतीय गेंदबाज़ी की उस पुरानी कमज़ोरी की याद दिलाता है जो बड़े टूर्नामेंटों में अक्सर उजागर होती रही है।
आलोचकों का कहना है कि बल्लेबाज़ी में चाहे जितनी ताकत हो, अगर गेंदबाज़ी में सुधार नहीं हुआ, तो वर्ल्ड कप में भारत को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
आगे क्या
गिल के बयान से स्पष्ट है कि आगामी वर्ल्ड कप को केंद्र में रखकर टीम चयन और संयोजन पर सिलेक्टर्स के साथ गंभीर बातचीत होगी। सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म टीम के लिए राहत की बात है, लेकिन गेंदबाज़ी की खामियाँ दूर करना प्रबंधन की प्राथमिकता रहेगी।