20 अक्टूबर 2026
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आरएसएस स्थापना शताब्दी वर्ष पर PM मोदी की बधाई, बोले — 'स्वयंसेवकों ने राष्ट्र-प्रथम भावना से समाज उत्थान किया'

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आरएसएस स्थापना शताब्दी वर्ष पर PM मोदी की बधाई, बोले — 'स्वयंसेवकों ने राष्ट्र-प्रथम भावना से समाज उत्थान किया'

सारांश

आरएसएस के शताब्दी स्थापना दिवस पर PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि स्वयंसेवकों ने 'राष्ट्र-प्रथम' भावना से समाज का उत्थान किया है। महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने भी बधाई दी। 1925 में नागपुर में स्थापित आरएसएस इस वर्ष 100 वर्ष पूरे कर रहा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर आरएसएस स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने कहा कि स्वयंसेवकों ने 'राष्ट्र-प्रथम' की भावना से समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है।
आरएसएस इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) पूर्ण कर रहा है; संस्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर एकाधिक पोस्ट के ज़रिए स्वयंसेवकों को बधाई दी।
नागपुर में मंगलवार को विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर देशभर के स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं ने सदैव 'राष्ट्र-प्रथम' की भावना से समाज के उत्थान में अपनी भूमिका निभाई है। यह अवसर इसलिए और विशेष है क्योंकि आरएसएस इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष पूर्ण कर रहा है।

एक्स पर क्या लिखा PM मोदी ने

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उन सभी विभूतियों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से संघ को सींचा और संवारा है।'

उन्होंने आगे लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रतिबद्धता का 'गौरवशाली शताब्दी वर्ष' पूर्ण किया है। मोदी ने विश्वास जताया कि यह भावना आने वाले समय में भी देश को 'और सशक्त व सुदृढ़' करती रहेगी।

देवेंद्र फडणवीस ने भी दी बधाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर एकाधिक पोस्ट के माध्यम से संघ के स्वयंसेवकों और सेविकाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर राष्ट्र सेवा, मानवीय मूल्यों और विकसित भारत के दृढ़ संकल्प के साथ काम करने वाले सभी स्वयंसेवकों और सेविकाओं को हार्दिक शुभकामनाएं।'

फडणवीस ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि संघ के वे कार्यकर्ता विशेष बधाई के पात्र हैं जो 'राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित' करते हैं।

शताब्दी वर्ष का महत्त्व

गौरतलब है कि 1925 में नागपुर में स्थापित आरएसएस इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में नागपुर में मंगलवार को विजयादशमी उत्सव का भी आयोजन किया गया, जो संघ का वार्षिक प्रमुख कार्यक्रम माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब संगठन अपनी सामाजिक, शैक्षणिक और आपदा-राहत गतिविधियों को और विस्तार देने की दिशा में सक्रिय है।

आगे क्या

शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आरएसएस के देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर मिली शुभकामनाएं इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्त्व का प्रतीकात्मक स्वरूप देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष के लिए एक संवेदनशील बिंदु रहा है। शताब्दी वर्ष का यह अवसर संघ को अपनी सामाजिक पहुँच और संगठनात्मक क्षमता को नए सिरे से स्थापित करने का मंच भी देता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
आरएसएस की स्थापना 1925 में नागपुर में विजयादशमी के दिन हुई थी, इसलिए हर वर्ष विजयादशमी को संघ अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष 2026 में आरएसएस अपना शताब्दी वर्ष पूर्ण कर रहा है।
PM मोदी ने आरएसएस स्थापना दिवस पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर लिखा कि स्वयंसेवकों ने 'राष्ट्र-प्रथम' की भावना से समाज के उत्थान के लिए सदैव कार्य किया है और उन्हें विश्वास है कि यह भावना देश को आगे और सशक्त करेगी।
महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर एकाधिक पोस्ट में संघ के स्वयंसेवकों और सेविकाओं को 'राष्ट्र सेवा, मानवीय मूल्यों और विकसित भारत के दृढ़ संकल्प' के लिए शुभकामनाएं दीं।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर कौन-से प्रमुख आयोजन हुए?
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नागपुर में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया, जो संघ का वार्षिक प्रमुख कार्यक्रम है। इसके अतिरिक्त देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।
आरएसएस और भाजपा सरकार का संबंध क्यों चर्चा में रहता है?
आरएसएस को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का वैचारिक मूल संगठन माना जाता है। प्रधानमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेताओं द्वारा संघ स्थापना दिवस पर दी जाने वाली बधाई इस रिश्ते की सार्वजनिक अभिव्यक्ति के रूप में देखी जाती है, जो राजनीतिक विमर्श में एक संवेदनशील विषय रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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