आरएसएस स्थापना शताब्दी वर्ष पर PM मोदी की बधाई, बोले — 'स्वयंसेवकों ने राष्ट्र-प्रथम भावना से समाज उत्थान किया'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर देशभर के स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं ने सदैव 'राष्ट्र-प्रथम' की भावना से समाज के उत्थान में अपनी भूमिका निभाई है। यह अवसर इसलिए और विशेष है क्योंकि आरएसएस इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष पूर्ण कर रहा है।
एक्स पर क्या लिखा PM मोदी ने
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उन सभी विभूतियों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से संघ को सींचा और संवारा है।'
उन्होंने आगे लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रतिबद्धता का 'गौरवशाली शताब्दी वर्ष' पूर्ण किया है। मोदी ने विश्वास जताया कि यह भावना आने वाले समय में भी देश को 'और सशक्त व सुदृढ़' करती रहेगी।
देवेंद्र फडणवीस ने भी दी बधाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर एकाधिक पोस्ट के माध्यम से संघ के स्वयंसेवकों और सेविकाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर राष्ट्र सेवा, मानवीय मूल्यों और विकसित भारत के दृढ़ संकल्प के साथ काम करने वाले सभी स्वयंसेवकों और सेविकाओं को हार्दिक शुभकामनाएं।'
फडणवीस ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि संघ के वे कार्यकर्ता विशेष बधाई के पात्र हैं जो 'राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित' करते हैं।
शताब्दी वर्ष का महत्त्व
गौरतलब है कि 1925 में नागपुर में स्थापित आरएसएस इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में नागपुर में मंगलवार को विजयादशमी उत्सव का भी आयोजन किया गया, जो संघ का वार्षिक प्रमुख कार्यक्रम माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब संगठन अपनी सामाजिक, शैक्षणिक और आपदा-राहत गतिविधियों को और विस्तार देने की दिशा में सक्रिय है।
आगे क्या
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आरएसएस के देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर मिली शुभकामनाएं इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्त्व का प्रतीकात्मक स्वरूप देती हैं।