20 अक्टूबर 2026
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आरएसएस स्थापना दिवस 2026: गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज और तावड़े ने दी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं

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आरएसएस स्थापना दिवस 2026: गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज और तावड़े ने दी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं

सारांश

आरएसएस के स्थापना दिवस पर केंद्र के चार वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर संदेश साझा किए — 101 वर्षों की सेवायात्रा, डॉ. हेडगेवार को नमन और 'विकसित भारत 2047' तक संघ की भूमिका पर एकजुट स्वर।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का स्थापना दिवस 20 अक्टूबर 2026 को मनाया गया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर कहा संघ 'अनुशासन और देशभक्ति का अद्वितीय प्रतीक' है।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आरएसएस को 'विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन' बताया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्थापक डॉ.
केशव बलिराम हेडगेवार के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया।
भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने 1925 से शुरू हुई संघ की 101 वर्षों की यात्रा को 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण की जीवंत चेतना' कहा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर 20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संघ के स्वयंसेवकों को बधाई दी और संस्थापकों को नमन किया। सभी नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए संघ की 101 वर्षों की यात्रा को राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया।

मनोहर लाल का संदेश

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, 'संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो। भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो।' उन्होंने आरएसएस को 'अनुशासन और देशभक्ति का अद्वितीय प्रतीक' बताते हुए कहा कि संघ ने अपनी स्थापना से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा और युवाओं में राष्ट्रभक्ति के विचार सींचने का उल्लेखनीय कार्य किया है।

उन्होंने आगे कहा कि संघ एक ओर समाज सेवा के कार्यों को गति देकर हर वर्ग को सशक्त बना रहा है, तो दूसरी ओर शैक्षणिक प्रयासों से देशहित के प्रति समर्पित देशभक्तों का निर्माण कर रहा है।

नितिन गडकरी की बधाई

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया कि आरएसएस 'विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन' के रूप में करोड़ों भारतीयों को राष्ट्रसेवा और अनुशासन के मूल मंत्र से प्रेरित करता रहा है। गडकरी ने संघ के 100 वर्षों के कालखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान लाखों स्वयंसेवकों को स्वार्थ से ऊपर उठकर त्याग और समर्पण की राह दिखाई गई है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रभक्ति और समर्पण भाव से राष्ट्र की सेवा की यह यात्रा निरंतर चलती रहेगी।'

शिवराज सिंह चौहान का संदेश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में कहा कि आरएसएस का स्थापना दिवस उस 'अविराम ध्येय-यात्रा' के स्मरण का दिन है, जिसने एक शताब्दी से राष्ट्र के पुनरुत्थान और सांस्कृतिक चेतना के जागरण के लिए स्वयं को समर्पित किया है। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धापूर्वक नमन किया और कहा कि उनका पवित्र ध्येय आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में असंख्य स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दे रहा है।

चौहान ने अपनी पोस्ट में यह भी जोड़ा कि 'स्वयंसेवक के लिए मां भारती की सेवा ही साधना है, समाज का उत्थान ही संकल्प है और राष्ट्र का वैभव ही ध्येय है।' उन्होंने कामना की कि मां भारती की सेवा का यह यज्ञ अनवरत प्रज्वलित रहे और भारत विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करे।

विनोद तावड़े का संदेश

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा कि आरएसएस की 101 वर्षों की अनवरत यात्रा 'भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की जीवंत चेतना' है। तावड़े ने कहा कि 1925 में आरंभ हुआ यह कार्य आज वटवृक्ष बनकर सेवा, समृद्धि और सुरक्षा के हर पड़ाव पर राष्ट्र के साथ खड़ा है। उन्होंने 'पंच प्रण' और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में जुटे स्वयंसेवकों को भी शुभकामनाएं दीं।

आरएसएस की स्थापना और यात्रा

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। यह ऐसे समय में आया है जब संघ अपनी शताब्दी पूरी कर चुका है और देश भर में इसकी शाखाओं की संख्या लाखों में पहुँच चुकी है। स्थापना दिवस प्रत्येक वर्ष स्वयंसेवकों के संकल्प और सेवाभाव को पुनर्जीवित करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। आने वाले समय में भी संघ के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विशेषकर 'विकसित भारत 2047' के एजेंडे को सांस्कृतिक आधार देने की रणनीति का हिस्सा दिखता है। गौरतलब है कि संघ की शाखाएं और स्वयंसेवक नेटवर्क चुनावी गतिशीलता में भी निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन संदेशों को केवल 'बधाई' के रूप में प्रस्तुत करती है, जबकि हेडगेवार के उल्लेख और 'पंच प्रण' जैसे संदर्भ संघ की वैचारिक निरंतरता और सत्तारूढ़ दल के बीच समन्वय को रेखांकित करते हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस का स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी, और स्थापना दिवस प्रतिवर्ष स्वयंसेवकों के संकल्प और सेवाभाव को पुनर्जीवित करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। 2026 में संघ अपनी 101 वर्षों की यात्रा पूरी कर रहा है।
आरएसएस स्थापना दिवस 2026 पर किन नेताओं ने बधाई दी?
20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर संदेश साझा कर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं।
नितिन गडकरी ने आरएसएस के बारे में क्या कहा?
नितिन गडकरी ने आरएसएस को 'विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन' बताया और कहा कि 100 वर्षों के कालखंड में लाखों स्वयंसेवकों को स्वार्थ से ऊपर उठकर त्याग और समर्पण की राह दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति और समर्पण से राष्ट्रसेवा की यह यात्रा निरंतर चलती रहेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने आरएसएस के संस्थापक को लेकर क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया और कहा कि उनके पवित्र ध्येय से प्रेरित संघ आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कामना की कि मां भारती की सेवा का यह यज्ञ अनवरत प्रज्वलित रहे।
विनोद तावड़े ने आरएसएस की 101 वर्षों की यात्रा को कैसे परिभाषित किया?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने आरएसएस की 101 वर्षों की यात्रा को 'भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की जीवंत चेतना' बताया। उन्होंने 1925 से शुरू हुए इस कार्य को 'पंच प्रण' और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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