20 अक्टूबर 2026
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PM मोदी ने RSS प्रमुख भागवत के विजयादशमी संबोधन को बताया 'अत्यंत प्रेरणादायी', पंच परिवर्तन की सराहना

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PM मोदी ने RSS प्रमुख भागवत के विजयादशमी संबोधन को बताया 'अत्यंत प्रेरणादायी', पंच परिवर्तन की सराहना

सारांश

PM मोदी ने एक्स पर RSS सरसंघचालक भागवत के विजयादशमी भाषण को 'अत्यंत प्रेरणादायी' कहा। RSS के शताब्दी वर्ष समारोह में दिए इस संबोधन में भागवत ने पंच परिवर्तन — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्वदेशी और नागरिक अनुशासन — को समाज के दीर्घकालिक नवीनीकरण का खाका बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर RSS सरसंघचालक डॉ.
मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण को 'अत्यंत प्रेरणादायी' बताया।
भागवत ने नागपुर में RSS के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में विजयादशमी रैली को संबोधित किया।
पंच परिवर्तन के पाँच आयाम — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्व-बोध व स्वदेशी, और नागरिक अनुशासन — को सामाजिक नवीनीकरण का खाका बताया गया।
भागवत ने कहा कि पंच परिवर्तन की ज़रूरत केवल भारत में नहीं, बल्कि विश्व के अन्य देशों में भी महसूस की जा रही है।
मोदी ने सेवा और राष्ट्र निर्माण पर भागवत के बल को स्वयंसेवकों के जीवन का 'अभिन्न हिस्सा' बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण की खुलकर प्रशंसा की और इसे 'अत्यंत प्रेरणादायी' करार दिया। मोदी ने कहा कि भागवत का संबोधन राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और 'पंच परिवर्तन' की दिशा में एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

मोदी का एक्स पर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा, 'नागपुर में शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव के अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन अत्यंत प्रेरणादायी है। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और समाज के सशक्तीकरण सहित कई विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे हैं।'

उन्होंने आगे लिखा, 'सेवा और राष्ट्र निर्माण पर उन्होंने पूरा बल दिया है, जो संघ के सभी स्वयंसेवकों के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने पंच परिवर्तन का भी उल्लेख किया है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।'

भागवत का नागपुर में संबोधन

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में संगठन के स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक विजयादशमी रैली को संबोधित किया। यह रैली RSS के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत साल भर चली गतिविधियों का समापन कार्यक्रम था। भागवत ने आत्म-जागरूकता, स्वदेशी, सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता पर विशेष ज़ोर दिया।

पंच परिवर्तन: सामाजिक बदलाव का खाका

भागवत ने 'पंच परिवर्तन' को सामाजिक नवीनीकरण और व्यक्तिगत व्यवहार परिवर्तन के लिए एक 'महत्वपूर्ण खाका' बताया। इस ढाँचे में पाँच आयाम शामिल हैं — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्व-बोध व स्वदेशी, और नागरिक अनुशासन।

भागवत ने कहा, 'पंच परिवर्तन हर जगह स्वीकार किए जाते हैं, क्योंकि जिन परिस्थितियों के समाधान के रूप में ये काम करते हैं, उन्हें हर कोई अनुभव कर रहा है। विशेष रूप से, पारिवारिक जागरूकता, नागरिक अनुशासन और पर्यावरण — इन्हें दुनिया भर के लोग तुरंत समझ लेते हैं। इनकी ज़रूरत दुनिया के अन्य देशों में भी महसूस की गई है।'

दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर बल

भागवत ने स्पष्ट किया कि पंच परिवर्तन कोई एक वर्षीय अभियान नहीं है, बल्कि जीवन जीने के एक स्थायी तरीके के रूप में इसे अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, 'स्वयंसेवकों को ध्यान में रखना चाहिए, और नागरिकों को भी समझना चाहिए कि हमारे आचरण में परिवर्तन लाने के लिए जीवन जीने के तरीके के रूप में, इसे प्रत्यक्ष कार्रवाई के माध्यम से आदत बना लेना चाहिए।'

गौरतलब है कि RSS की स्थापना 1925 में हुई थी और 2025-26 में संगठन अपने शताब्दी वर्ष का उत्सव मना रहा है — यह संदर्भ भागवत के संबोधन को विशेष महत्व देता है। प्रधानमंत्री की इस प्रकार की त्वरित प्रतिक्रिया RSS और केंद्र सरकार के बीच वैचारिक समन्वय को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब RSS के शताब्दी वर्ष को राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान देने की रणनीति स्पष्ट दिख रही है। पंच परिवर्तन का वैश्विक प्रासंगिकता का दावा ध्यान देने योग्य है — इसे सिर्फ आंतरिक संगठनात्मक एजेंडे तक सीमित न रखकर एक व्यापक सभ्यतागत दृष्टि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि यह संबोधन RSS की सांस्थानिक पहुँच और सरकारी नीति के बीच की धुंधली होती सीमा का संकेत देता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने मोहन भागवत के भाषण की तारीफ क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि भागवत का विजयादशमी संबोधन 'अत्यंत प्रेरणादायी' है, क्योंकि इसमें राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए। मोदी ने सेवा और राष्ट्र निर्माण पर दिए गए बल को विशेष रूप से रेखांकित किया।
पंच परिवर्तन क्या है और इसमें क्या शामिल है?
पंच परिवर्तन RSS द्वारा प्रस्तावित सामाजिक नवीनीकरण का एक ढाँचा है जिसमें पाँच आयाम शामिल हैं — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्व-बोध व स्वदेशी, और नागरिक अनुशासन। भागवत ने इसे व्यक्तिगत आचरण परिवर्तन और राष्ट्रीय प्रगति का 'महत्वपूर्ण खाका' बताया।
RSS की विजयादशमी रैली 2026 कहाँ हुई?
विजयादशमी रैली RSS के मुख्यालय नागपुर में आयोजित की गई। यह RSS के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत साल भर चली गतिविधियों का समापन कार्यक्रम था।
RSS का शताब्दी वर्ष समारोह क्या है?
RSS की स्थापना 1925 में हुई थी, और 2025-26 में संगठन अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। भागवत के अनुसार, इस दौरान पिछले एक वर्ष में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और विजयादशमी उत्सव उन सभी गतिविधियों का समापन बिंदु है।
क्या भागवत ने पंच परिवर्तन को सिर्फ भारत तक सीमित बताया?
नहीं। भागवत ने स्पष्ट कहा कि पंच परिवर्तन की आवश्यकता विश्व के अन्य देशों में भी महसूस की जा रही है, विशेष रूप से पारिवारिक जागरूकता, नागरिक अनुशासन और पर्यावरण के संदर्भ में। उन्होंने इसे एक वैश्विक प्रासंगिकता वाले ढाँचे के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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