क्या आरएसएस राष्ट्रहित में काम करता है? : प्रवीण खंडेलवाल

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क्या आरएसएस राष्ट्रहित में काम करता है? : प्रवीण खंडेलवाल

सारांश

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की प्रशंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने आरएसएस की राष्ट्रहित में योगदान करने की भूमिका पर चर्चा की और विपक्ष की स्थिति पर भी अपने विचार साझा किए। जानें उनके विचार और आरएसएस की सेवाओं के बारे में।

मुख्य बातें

आरएसएस देशहित में कार्य कर रहा है।
मोहन भागवत का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
सेवा और त्याग संघ की पहचान है।

नई दिल्ली, ११ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का दृढ़ समर्थक बताया। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पीएम मोदी की इस प्रशंसा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरएसएस एक ऐसा संगठन है जो राष्ट्रहित में काम कर रहा है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "पीएम मोदी ने जो कहा, वह पूर्ण रूप से सत्य है। आरएसएस कई वर्षों से देशभर में रचनात्मक सेवाओं में संलग्न है। इसने भारत को ऐसे नेता दिए हैं जिन्होंने देश की प्रगति में योगदान किया है। हम सभी इस संगठन के कार्यकर्ता हैं और संघ हमारे मूल विचार का प्रतीक है।"

प्रवीण खंडेलवाल ने मोहन भागवत को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, "आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का जन्मदिन है। मैं अपनी और देश के नौ करोड़ व्यापारियों की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। निश्चित रूप से मोहन भागवत के नेतृत्व में आरएसएस ने सेवा का एक नया अध्याय लिखा है। सेवा, समर्पण और त्याग यही संघ की पहचान है।"

नेपाल में जेनरेशन जेड के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, "चूंकि नेपाल हमारा पड़ोसी देश है, इसलिए भारत के लिए वहां की स्थिति का सामान्य होना अत्यंत आवश्यक है। जितनी जल्दी स्थिरता बहाल होगी, उतना ही यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति में योगदान देगा।"

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वे केवल सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत में सत्ता प्राप्त करना केवल लोकतांत्रिक तरीके से संभव है, और अगर उनके दिमाग में ऐसा कुछ चल रहा है, तो उन्हें इसे अपने मन से निकाल देना चाहिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के ७५वें जन्मदिन पर विशेष पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत हमेशा से 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के प्रबल समर्थक रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना आवश्यक है कि सत्ता केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आरएसएस का मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज में सेवा और समर्पण के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य करना है।
मोहन भागवत के योगदान क्या हैं?
मोहन भागवत ने आरएसएस के माध्यम से समाज में जागरूकता और शिक्षा का प्रसार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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