क्या 'समृद्धि यात्रा' का दूसरा चरण बिहार के जिलों को देगा करोड़ों की सौगात?
सारांश
Key Takeaways
- समृद्धि यात्रा का पहला चरण सफल रहा है।
- दूसरे चरण में हर जिले को करोड़ों की सौगात मिलेगी।
- जेडीयू प्रवक्ता ने इसे ऐतिहासिक बताया है।
- मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद के आधार पर फैसले लिए हैं।
- बजट में बड़े उपहार मिलने की उम्मीद है।
पटना, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस दौरान हर जिले को करोड़ों की सौगात देने का वादा सीएम नीतीश द्वारा किया गया है, जिसे जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने ऐतिहासिक करार दिया है।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि पहले चरण में अनेक योजनाओं की शुरुआत की गई है। कई जिलों को सौगात मिली है जिससे जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह तथ्य स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार लगातार जनता के हित में कार्यरत है, जिसका सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज्यादा तर फैसले जनता से मिलने के बाद ही लिए हैं, जिससे जनता की समस्याएँ सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँच सकें और समाधान निकाला जा सके। इससे यह स्पष्ट है कि समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण से भी जनता को लाभ मिलने की संभावनाएँ हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यदि विपक्ष केवल अपने स्वार्थ के लिए किसी का विरोध करती है तो जनता उसे पसंद नहीं करेगी। देश और जनता की अपेक्षाएँ कांग्रेस से हैं, क्योंकि वे विपक्ष में हैं। इसलिए उन्हें कुछ भी करने से पहले सोच-समझकर और जनता के हित में काम करना चाहिए।
बजट पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, 'यह बजट बिहार के लिए उम्मीदों का बजट हो सकता है। पिछले दो बजट में बिहार को बड़े उपहार मिले हैं, जिससे बिहार निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री का जो संकल्प बिहार के लिए है, उसी के आधार पर बिहार की जनता इस बजट में भी बड़े उपहारों की आशा कर रही है।'
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने दावा किया है कि उनकी जान को खतरा है, क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी को 'डरपोक' और 'असुरक्षित' राजनेता बताया था। इस पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यदि ऐसा है तो उन्हें चिंतित होना चाहिए और उचित सुरक्षा के प्रबंध करने चाहिए। वर्तमान में कांग्रेस में हताशा दिखाई दे रही है और वह परेशान है। इसलिए कुछ भी हो सकता है।