संसद में विपक्ष का हंगामा: महंगाई, एलपीजी संकट और टेलीकॉम नीतियों पर सरकार से जवाब की मांग

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संसद में विपक्ष का हंगामा: महंगाई, एलपीजी संकट और टेलीकॉम नीतियों पर सरकार से जवाब की मांग

सारांश

संसद के मौजूदा सत्र में विपक्ष ने महंगाई, एलपीजी की कमी और टेलीकॉम नियमों पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। सांसदों ने जनता के मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। क्या सरकार अपनी नीतियों को सुधारने के लिए तैयार है?

Key Takeaways

  • महंगाई और एलपीजी संकट पर विपक्ष का आक्रोश
  • टेलीकॉम नीतियों पर सवाल उठाए गए
  • सरकार से ठोस जवाब की मांग की गई
  • छोटे व्यापारियों पर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी का प्रभाव
  • संसद में गंभीर चर्चा की आवश्यकता

नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संसद के वर्तमान सत्र में महंगाई, एलपीजी गैस की कमी, हवाई किराए में वृद्धि और टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेर लिया। विपक्ष के सांसदों ने इन मुद्दों को जनता के साथ जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में लगभग हर आवश्यक वस्तु के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ा है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि एलपीजी की कीमतें और उससे जुड़ी समस्याएं भी सरकार की नीतियों का परिणाम हैं। यदि संसद में इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती, तो विपक्ष जनता की परेशानियों को बेहतर तरीके से उठा सकता था। इसी कारण वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे हैं।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कमर्शियल उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई न करें। उनके अनुसार देश में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं और सरकार लोगों को सही जानकारी देने के बजाय गुमराह कर रही है।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कई वर्षों से संसद में उठाया जा रहा है और संबंधित मंत्रियों से बार-बार कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि देश में गैर-कानूनी मुनाफाखोरी हो रही है और हवाई किराए इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम लोगों के लिए हवाई यात्रा करना लगभग असंभव हो गया है। मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया में फंसे भारतीयों के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?

कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने कहा कि देश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी से छोटे व्यापारियों पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में छोटी दुकानों को बंद करना पड़ रहा है। यहां तक कि चाय की छोटी दुकानों पर भी इसका असर पड़ रहा है, जिनसे हजारों लोगों की रोजी-रोटी चलती है। सरकार बार-बार गलत जानकारी देकर स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने भी सरकार से तैयारियों के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा कि यह समस्या अभी शुरुआत है और यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो इसका असर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि संसद सत्र के दौरान सरकार सदन में आकर स्पष्ट जवाब दे।

वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने टेलीकॉम उपभोक्ताओं से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की वैधता समाप्त होने पर आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना अनुचित है। उन्होंने इसे टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी बताते हुए मांग की कि कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए, ताकि आम लोगों का संचार का अधिकार प्रभावित न हो।

Point of View

NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

महंगाई का मुख्य कारण क्या है?
महंगाई का मुख्य कारण आपूर्ति और मांग में असंतुलन, वैश्विक बाजार में वृद्धि और सरकारी नीतियाँ हैं।
एलपीजी संकट क्यों उत्पन्न हुआ है?
एलपीजी संकट का कारण कमर्शियल उपयोग के लिए सिलेंडरों की कमी और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं हैं।
टेलीकॉम नियमों में बदलाव का क्या असर होगा?
टेलीकॉम नियमों में बदलाव से उपभोक्ताओं के लिए संचार की लागत बढ़ सकती है और सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने इन समस्याओं पर क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने अभी तक इन समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की कोई जानकारी नहीं दी है।
संसद में विपक्ष का हंगामा क्यों हुआ?
विपक्ष ने जनता के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए हंगामा किया।
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