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क्या सपा ने सीईओ यूपी को सौंपा ज्ञापन: कासगंज-बहराइच-फर्रुखाबाद-बस्ती में एसआईआर में पक्षपात का आरोप?

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क्या सपा ने सीईओ यूपी को सौंपा ज्ञापन: कासगंज-बहराइच-फर्रुखाबाद-बस्ती में एसआईआर में पक्षपात का आरोप?

सारांश

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में कासगंज, बहराइच, फर्रुखाबाद और बस्ती में पक्षपात का आरोप लगाया गया है। क्या यह प्रक्रिया सच में निष्पक्ष है?

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी ने सीईओ को ज्ञापन सौंपा है।
कासगंज में बूथों पर पक्षपात का आरोप।
बहराइच में महिलाओं के मतदाता बनने में रुकावट।
फर्रुखाबाद में विलोपन की समस्याएं।
बस्ती में कम समय में सुनवाई का मुद्दा।

लखनऊ, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) यूपी को एक ज्ञापन सौंपा है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने कासगंज, बहराइच, फर्रुखाबाद और बस्ती जिलों में एसआईआर के दौरान हो रही अनियमितताओं की शिकायत की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया में पक्षपात हो रहा है, जिससे सपा समर्थक बूथों के वोटरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

ज्ञापन में कासगंज विधानसभा क्षेत्र (बूथ 1 से 200 तक) का खास उल्लेख किया गया है, जहां अधिकांश बूथ सपा समर्थक हैं। पार्टी का दावा है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा सपा समर्थक बूथों पर नोटिस धारकों को केवल 12 घंटे का समय दिया जा रहा है, जबकि भाजपा समर्थित बूथों पर पर्याप्त समय दिया जा रहा है। बीएलओ पर आरोप है कि वह नियमों की अनदेखी कर नए वोटरों को कम फॉर्म उपलब्ध करवा रहे हैं। सपा ने एसआईआर में लगे कुछ अधिकारियों पर भाजपा के एजेंट के रूप में कार्य करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत हटाने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि वर्तमान विधायक का पुत्र (ब्लॉक प्रमुख) एसआईआर में सपा वोटरों को कटवाने का कार्य कर रहा है।

बहराइच के नानपारा विधानसभा क्षेत्र में नेपाल मूल की महिलाओं (बहुओं) को एसआईआर प्रक्रिया से बाहर करने का आरोप लगाया गया है। उनके पास निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार और वोटर आईडी होने के बावजूद उन्हें मैरिज और माइग्रेशन प्रमाण पत्र मांगकर वापस किया जा रहा है। इससे हजारों महिलाएं मतदाता बनने से वंचित हो सकती हैं। सपा ने मांग की है कि इस समस्या का समाधान कर महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाए।

फर्रुखाबाद के बूथ 128 (बंगशपुरा और मनिहारी) में पुरानी सूची को एकीकृत करने और 2003 के सत्यापन में केवल बंगशपुरा के वोटरों का सत्यापन होने का उल्लेख किया गया है। मनिहारी के लगभग 300 मतदाताओं को विलोपन सूची में डाल दिया गया है, जबकि 2003 की जानकारी नहीं मिलने पर नोटिस जारी किए गए। सपा ने जांच कर विलोपन निरस्त करने की मांग की है।

बस्ती में लगभग 1 लाख से अधिक नो-मैपिंग और लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं को नोटिस जारी कर कम समय में सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे मतदाता उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि नोटिसों की बूथवार सूची (ईआरओ नाम, सुनवाई स्थल, तिथि आदि) राजनीतिक दलों और बीएलए को उपलब्ध कराई जाए ताकि वे मतदाताओं की सहायता कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह लोकतंत्र की बुनियाद को भी चुनौती देता है। एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का होना हर नागरिक का अधिकार है। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समाजवादी पार्टी ने सीईओ यूपी को ज्ञापन क्यों सौंपा?
समाजवादी पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं और पक्षपात के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है।
क्या कासगंज में सपा समर्थक बूथों पर पक्षपात हो रहा है?
जी हां, कासगंज विधानसभा क्षेत्र में सपा समर्थक बूथों पर समय की कमी और अनियमितताएं पाई गई हैं।
बहराइच में महिलाओं को क्यों बाहर किया जा रहा है?
बहराइच में निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज होते हुए भी महिलाओं को बाहर करने का आरोप है।
राष्ट्र प्रेस
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