सौगत रॉय का दावा: ममता बनर्जी के सामने सुवेंदु अधिकारी की हार तय
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति मजबूत है।
- सौगत रॉय का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी हारेंगे।
- गैस संकट पर सरकार की नीतियों की आलोचना।
- टीएमसी ने सुरजीत रॉय की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है।
- भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल बढ़ रही है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सर्वदलीय बैठक और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मीडिया से बातचीत की।
भाजपा में शामिल नेता सुवेंदु अधिकारी के ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से चुनाव लड़ने पर सौगत रॉय ने कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। यदि वह हार गए, तो चुनाव लड़ने का क्या मतलब है।" उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और उनकी लोकप्रियता महत्वपूर्ण है, जिससे उन्हें आसानी से जीत मिलने की संभावना है।
सर्वदलीय बैठक के बारे में टीएमसी का रुख क्या होगा, इस पर सवाल के जवाब में सांसद सौगत ने कहा, "हम पश्चिम बंगाल के चुनावों में व्यस्त हैं, इसलिए अभी कुछ नहीं कहेंगे।"
उन्होंने कहा, "सरकार ने गैस संकट का सही ढंग से समाधान नहीं किया है। लोग गैस के कारण बहुत परेशान हैं। सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।"
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए सुरजीत रॉय को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त करने पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में टीएमसी ने चुनाव आयोग को शिकायत पत्र भेजा है और आरोप लगाया कि सुरजीत रॉय सुवेंदु अधिकारी के करीबी हैं और निष्पक्ष नहीं रहेंगे।
भवानीपुर से चुनाव लड़ रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने चुनाव आयोग को भेजे पत्र में लिखा, "पार्टी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए सुरजीत रॉय को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए जाने पर गंभीर चिंताओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती है। सुरजीत रॉय पहले नंदीग्राम-२ ब्लॉक के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) रहे हैं। उनकी स्वतंत्रता और रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर कार्य करने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। सुरजीत रॉय भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के साथ निकटता के कारण उनके काम में भेदभाव और निष्पक्षता की कमी की संभावना है।"