खड़गपुर में स्कूली छात्र अक्षय झा को गोली मारी, ५ गिरफ्तार; ७ पुलिस टीमें जांच में जुटीं
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को एक स्कूली छात्र को साइकिल पर सवार रहते हुए गोली मार दी गई। घायल छात्र की पहचान अक्षय झा के रूप में हुई है, जिसे गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर बेहतर उपचार के लिए कोलकाता के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। पश्चिम मिदनापुर की पुलिस ने अब तक पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटनाक्रम: कब और कहाँ हुई गोलीबारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 11:30 बजे अक्षय झा खड़गपुर के ओल्ड सेटलमेंट, वार्ड नंबर 20 के रेलवे क्षेत्र में एक साइकिल पर पीछे बैठा था। कथित तौर पर चलती साइकिल पर गोलियाँ चलाई गईं, जिनमें से एक गोली उसकी छाती के बाईं ओर लगी।
स्थानीय पार्षद डी. बसंती ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि दो बदमाशों ने बिना नंबर प्लेट के स्कूटर पर सवार होकर दो गोलियाँ चलाईं। साइकिल चालक ने स्वयं कहा कि उसे गोलीबारी के कारण या हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उल्लेखनीय है कि आसपास के निवासियों ने दावा किया कि उन्हें गोली चलने की आवाज़ नहीं सुनाई दी, जिससे घटना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
पश्चिम मिदनापुर की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने पुष्टि की कि इलाके में दो प्रतिद्वंद्वी गुट सक्रिय थे और उनके बीच हुए विवाद के दौरान यह गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की गहन जाँच के लिए सात विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र कर उसका विश्लेषण किया जा रहा है। खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के अधिकारी घटना के मकसद और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान में जुटे हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और गुट-विवाद का कोण
स्थानीय पार्षद डी. बसंती के अनुसार, घायल अक्षय झा रेलवे स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी का पुत्र है। बसंती ने दावा किया कि घटना के समय अक्षय अपने मित्र सागर कुमार के साथ जलपान के लिए बाहर निकला था, और हमले का वास्तविक निशाना सागर कुमार हो सकता है।
उनके अनुसार, सागर के पिता प्रसाद कथित तौर पर श्रीनु नायडू समूह से जुड़े थे और दोनों — प्रसाद एवं श्रीनु — अतीत में अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में मारे जा चुके हैं। यह पृष्ठभूमि संकेत देती है कि यह संघर्ष किसी पुरानी गुटीय रंजिश की परिणति हो सकती है, हालाँकि पुलिस ने अभी इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खड़गपुर में गुटीय हिंसा पहले से ही चिंता का विषय रही है। एक नाबालिग छात्र के इस तरह निशाना बनाए जाने से स्थानीय समुदाय में भय और रोष का माहौल है। पुलिस ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि गोलीबारी हुई, और जाँच में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
अक्षय झा का कोलकाता के अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। जाँच के नतीजे और अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ आने वाले घंटों में अपेक्षित हैं।