क्या शब्दोत्सव 2026 राष्ट्रवादी विचारों के लिए अभिव्यक्ति का मंच है?

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क्या शब्दोत्सव 2026 राष्ट्रवादी विचारों के लिए अभिव्यक्ति का मंच है?

सारांश

दिल्ली में शब्दोत्सव 2026 का आयोजन हुआ, जिसमें साहित्य, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इसे राष्ट्रवादी विचारों का महत्वपूर्ण मंच बताया। जानिए इस कार्यक्रम की विशेषताएँ और युवा पीढ़ी की भूमिका।

Key Takeaways

  • शब्दोत्सव 2026 एक सकारात्मक मंच है।
  • सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा दिया गया।
  • युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
  • दिल्ली सरकार ने कार्यक्रम का समर्थन किया।
  • नेताओं ने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में आयोजित शब्दोत्सव 2026 के तहत शनिवार को साहित्य, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस आयोजन में देश की राजनीति, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक चुनौतियों से संबंधित विषयों पर विभिन्न नेताओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शब्दोत्सव 2026 को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि सुरुचि प्रकाशन द्वारा आयोजित यह उत्सव राष्ट्रवादी विचारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि जिस सत्र में वे शामिल हुए, ‘दक्षिणापथ’, उसमें उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक सद्भाव और आपसी जुड़ाव की भावना को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। इस सत्र ने गंभीर चर्चा का अवसर प्रदान किया, जो राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।

विपक्षी दलों की भारत विरोधी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निरंतर चुनावी हार से हताश दल इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत की जेन-जी को समझने में असफल हैं, जो बहुत ही जागरूक और सकारात्मक सोच वाली है। उन्होंने उदाहरण दिया कि 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर, जो देश की सबसे युवा विधायकों में से एक हैं, भारतीय संस्कृति और संगीत को बढ़ावा दे रही हैं। यह दर्शाता है कि युवा पीढ़ी अमृतकाल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर है।

शब्दोत्सव 2026 के दूसरे दिन भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए दिल्ली सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य युवाओं, शिल्पकारों और कलाकारों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि सुरुचि प्रकाशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने दिल्ली को एक नई सांस्कृतिक उड़ान दी है। मनोज तिवारी ने कहा कि मौजूदा सरकार को बने अभी करीब 10 महीने हुए हैं, लेकिन इसके प्रयास स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। आने वाले समय में दिल्ली की जनता को भारतीय जनता पार्टी को चुनने पर गर्व होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की नीति संस्कार, संस्कृति और कला को बढ़ावा देने की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री कपिल मिश्रा और पूरी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

Point of View

जो न केवल साहित्यिक विमर्श को बढ़ावा देती है बल्कि देश में सांस्कृतिक एकता और मौजूदा चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श का अवसर भी प्रदान करती है। यह आयोजन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि किस तरह युवा पीढ़ी राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभा सकती है।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

शब्दोत्सव 2026 का उद्देश्य क्या है?
शब्दोत्सव 2026 का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर विमर्श को बढ़ावा देना है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और मनोज तिवारी सहित कई अन्य नेताओं ने भाग लिया।
क्या शब्दोत्सव केवल साहित्य से संबंधित है?
नहीं, यह कार्यक्रम संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा का मंच प्रदान करता है।
शब्दोत्सव का आयोजन कब और कहाँ हुआ?
शब्दोत्सव 2026 का आयोजन 3 जनवरी को नई दिल्ली में हुआ।
इस कार्यक्रम का महत्व क्या है?
यह कार्यक्रम राष्ट्रवादी विचारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।
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