क्या पद्मश्री के लिए चुने जाने पर शफी शौक को खुशी हुई?

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क्या पद्मश्री के लिए चुने जाने पर शफी शौक को खुशी हुई?

सारांश

कश्मीरी कवि प्रोफेसर शफी शौक ने पद्म श्री 2026 के लिए चयनित होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने यह सम्मान कश्मीरी साहित्य और संस्कृति के प्रति अपने योगदान के रूप में स्वीकार किया है। इस अवॉर्ड के माध्यम से उन्होंने अपनी लेखनी के महत्व और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया है।

Key Takeaways

  • शफी शौक को पद्म श्री 2026 के लिए नामांकित किया गया है।
  • यह सम्मान कश्मीरी साहित्य और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शफी शौक ने 106 किताबें लिखी हैं।
  • उनका संदेश है कि लेखन समाज की जिम्मेदारी है।
  • अवॉर्ड का उद्देश्य साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

श्रीनगर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री २०२६ से सम्मानित होने पर कश्मीरी कवि प्रोफेसर शफी शौक ने अपनी खुशी व्यक्त की है।

जब उनसे पद्म श्री अवॉर्ड २०२६ के लिए चयनित होने के बारे में पूछा गया, तो कवि प्रोफेसर शफी शौक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "आज मेरे लिए एक विशेष अवसर है क्योंकि मुझे पद्म श्री अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया है। यह घोषणा की गई है कि मैं उन विशेष व्यक्तियों में से हूं जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सम्मान ना केवल मेरे लिए, बल्कि कश्मीरी भाषा, साहित्य और यहां की बौद्धिक गतिविधियों के लिए है। यह उन सभी कवियों और लेखकों के लिए है जो इन क्षेत्रों में कार्यरत हैं।"

उन्होंने यह भी बताया कि वह कश्मीर विश्वविद्यालय में शिक्षक रहे हैं और कुछ साल पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, "यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है, यह खुशी की बात है कि मेरा नाम इस वर्ष के पद्म श्री अवॉर्ड प्राप्त करने वालों की सूची में है। लेकिन यह अवॉर्ड मेरे लिए केवल एक पुरस्कार नहीं है, क्योंकि मैंने सिर्फ ४५ किताबें ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी, हिंदी और कश्मीरी में १०६ किताबें लिखी हैं। सभी किताबें पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि प्रशासन भी ऐसे कार्यों पर ध्यान देता है और मेरे काम की कुछ लोगों ने सराहना की है। वास्तव में, यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है।"

उन्होंने कहा, "मुझे पहले भी कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन यह पद्म श्री पुरस्कार बहुत कम लोगों को मिलता है, और यह केवल उन्हीं लोगों को दिया जाता है जिन्होंने जीवन के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता दिखाई है।"

शफी शौक ने कहा, "मैं चाहता हूं कि जो लोग भी कुछ जानते हैं, वे लिखना शुरू करें। केवल शायरी लिखने से कुछ नहीं होता। पहले पढ़ना शुरू करें, फिर लिखना जारी रखें।"

यह उल्लेखनीय है कि शफी शौक को साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित पुरस्कार, राज्य अकादमी पुरस्कार और राज्य सरकार पुरस्कार सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

Point of View

मैं मानता हूँ कि प्रोफेसर शफी शौक का यह सम्मान साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कश्मीर के योगदान को मान्यता देता है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का फल है, बल्कि कश्मीरी साहित्य के प्रति सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। यह खबर हमें यह भी याद दिलाती है कि साहित्य का महत्व समाज में कैसे बढ़ता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

शफी शौक को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
शफी शौक को साहित्य अकादमी पुरस्कार, राज्य अकादमी पुरस्कार और राज्य सरकार पुरस्कार सहित कई अन्य पुरस्कार मिल चुके हैं।
पद्म श्री पुरस्कार किसे दिया जाता है?
पद्म श्री पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया हो।
शफी शौक ने कितनी किताबें लिखी हैं?
शफी शौक ने कुल 106 किताबें लिखी हैं, जो अंग्रेजी, हिंदी और कश्मीरी में हैं।
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