मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का भाजपा पर हमला: अमीर-गरीब के बीच की खाई बढ़ी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए योजनाएं लागू की हैं।
- भाजपा पर अमीर-गरीब के बीच की खाई बढ़ाने का आरोप।
- सिद्दारमैया ने भाजपा के 'जीवंत गुजरात' मॉडल की आलोचना की।
- बागलकोट में मेडिकल कॉलेज की घोषणा।
- सामाजिक न्याय के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता।
बागलकोट, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने उपचुनाव प्रचार के दौरान भाजपा पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अमीर और गरीब के बीच की खाई को और बढ़ा दिया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं और पिछले तीन वर्षों में इन पहलों पर 1.31 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों समेत समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।
सिद्दारमैया ने भाजपा के 'जीवंत गुजरात' मॉडल की आलोचना करते हुए कहा कि इसका लाभ केवल कॉरपोरेट घरानों को ही मिला है, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई और बढ़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गरीबों और वंचितों के लिए कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को आज़ादी दिलाई है, और अब लोगों का समय है कि वे इसका प्रतिफल दें।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने कभी स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया और कर्नाटक में नौ साल तक सत्ता में रहने के बावजूद उनके पास दिखाने के लिए कुछ नहीं है।
सिद्दारमैया ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 में कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रहे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने काला धन वापस लाने और हर घर में 15 लाख रुपए जमा करने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने लोगों से उमेश मेती को निर्वाचित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके पिता एचवाई मेती ने बागलकोट के विकास के लिए अथक परिश्रम किया था और अब उनके सपनों को साकार करने का समय आ गया है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि बागलकोट में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जो एचवाई मेती की लंबे समय से लंबित मांगों में से एक थी।
सिद्दारमैया ने सामाजिक न्याय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक व्यक्ति को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना होगा, ताकि हमारी राजनीतिक स्वतंत्रता सफल हो सके।