एसटी हसन: नफरत फैलाने वाली संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई आवश्यक
सारांश
Key Takeaways
- नफरत फैलाने वाली संस्थाओं पर प्रतिबंध की आवश्यकता
- सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर कदम उठाने की ज़रूरत
- कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादास्पद बयान
मुरादाबाद, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा कि नफरत फैलाने वाली संस्थाओं पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
हाल ही में, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संघ और भाजपा के संबंध में एक विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसका समर्थन एसटी हसन ने किया।
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चलने वाले संघर्ष विराम पर उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले १५ दिनों से इस संघर्ष से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था। ट्रंप इसमें गंभीर रूप से फंस गए थे और उन्होंने ईरान की शक्ति और वहाँ के लोगों की भावना को कम आंका। ईरान ने जिस प्रकार से उत्तर दिया है, उसने दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ असम भाजपा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि खड़गे ने ६ अप्रैल को असम के श्रीभूमि जिले में एक रैली में भड़काऊ भाषण दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि खड़गे के बयान से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएँ आहत हुई हैं। आरोप है कि ऐसे बयान नफरत फैलाने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम करते हैं, जिससे असम के मूल निवासियों के बीच संघर्ष हो सकता है।