हैदराबाद: MVSR कॉलेज में डांडिया के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरा, छात्रा की मौत, 16 घायल
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के बाहरी इलाके नादेरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार रात डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस अचानक ढह जाने से बी.टेक. प्रथम वर्ष की छात्रा नारायणदास सोना (18) की मौत हो गई और कम से कम 16 अन्य लोग घायल हो गए। तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के आदिबतला में हुए इस हादसे से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना 'संगम-2026' नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी और सांस्कृतिक उत्सव के दौरान हुई, जिसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र तकनीकी कुशलता और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए थे। शुरुआती जांच के अनुसार, तेज हवाओं के कारण लाइटिंग सिस्टम का ढांचा अचानक नीचे आ गया।
वनापर्थी जिले की रहने वाली छात्रा सोना इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं। उन्हें तत्काल पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायलों का उपचार
घटना के बाद सभी 16 घायलों को पहले नज़दीकी अस्पताल और फिर यशोदा अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, 16 में से 10 घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि शेष का इलाज जारी है।
लापरवाही के आरोप
कुछ छात्रों और उनके अभिभावकों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और हादसे के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में अस्थायी ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोजक की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि घायल छात्रों को हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सुविधा दी जाए और हादसे के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने भी इस हादसे पर गहरा सदमा और दुख जताया। उन्होंने मृत छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायल छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों से उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि बड़े आयोजनों में अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। अधिकारियों द्वारा की जाने वाली जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारी किसकी है।