क्या सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी ने खास पल साझा किए?

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क्या सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी ने खास पल साझा किए?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनके जीवन और आदर्शों को साझा किया। उन्होंने नेताजी से जुड़ी यादों और सरकारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए उनकी महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र किया। आइए जानते हैं उनकी बातें।

Key Takeaways

  • नेताजी चंद्र बोस का जीवन प्रेरणा का स्रोत है।
  • ई-ग्राम विश्वग्राम योजना का विशेष महत्व है।
  • हरिपुरा की यात्रा ने मोदी को प्रेरित किया।
  • नेताजी के योगदान को भुलाने की कोशिशें हुईं।
  • पराक्रम दिवस का महत्व और उद्देश्य।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बताया कि नेताजी का जीवन और उनके सिद्धांत हमेशा उनके लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने नेताजी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण यादों और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने 'ई-ग्राम विश्वग्राम योजना' का जिक्र करते हुए कहा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मुझे हमेशा बहुत प्रेरित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, '23 जनवरी 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की गई थी। यह एक अनोखी योजना थी जिसका उद्देश्य गुजरात के आईटी क्षेत्र को नया रूप देना था।'"

उन्होंने एक महत्वपूर्ण क्षण को याद करते हुए कहा, "यह योजना हरिपुरा से आरंभ हुई थी, जो नेताजी बोस के जीवन में एक विशेष स्थान रखती है।" उन्होंने कहा कि वह कभी नहीं भूलेंगे कि हरिपुरा के लोगों ने उनका स्वागत कैसे किया और उसी रास्ते पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी चले थे।

पीएम मोदी ने 2012 के एक कार्यक्रम को याद करते हुए लिखा, "2012 में, आजाद हिंद फौज दिवस मनाने के लिए अहमदाबाद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था।" इसमें नेताजी बोस से प्रेरित कई लोग शामिल हुए, जिनमें पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा भी थे।

कांग्रेस पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "नेताजी बोस के योगदान को याद करना उन लोगों के एजेंडे में नहीं था जिन्होंने लंबे समय तक देश पर राज किया।" पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सोच भिन्न है। हमने उनके जीवन और कार्यों को हर संभव अवसर पर उजागर किया है।

उन्होंने कहा, "2018 एक ऐतिहासिक वर्ष था।" उन्होंने लाल किले पर 'आजाद हिंद सरकार' की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाने का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें तिरंगा फहराने का भी अवसर मिला।

प्रधानमंत्री ने कहा, "अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में, सुभाष बाबू की ओर से तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई।" उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख द्वीपों के नाम भी बदले गए, जिसमें रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप नाम दिया गया।

उन्होंने कहा कि लाल किले में क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी बोस और आईएनए से जुड़ी ऐतिहासिक सामग्री है, जिसमें नेताजी द्वारा पहनी गई टोपी भी शामिल है।

पीएम मोदी ने 2021 के कोलकाता दौरे का उल्लेख करते हुए कहा, "नेताजी बोस की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित किया गया है।" 2021 में, उन्होंने नेताजी भवन का दौरा किया, जहां से नेताजी ने अपनी महान पलायन यात्रा शुरू की थी।

उन्होंने कहा, "इंडिया गेट के पास उनकी भव्य मूर्ति लगाना औपनिवेशिक सोच को खत्म करने की हमारी कोशिशों का एक शानदार उदाहरण है।" यह मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।

Point of View

राष्ट्रीय नायक के रूप में उनकी भूमिका को उजागर किया है। यह एक सकारात्मक दृष्टिकोण है जो देशवासियों को प्रेरित करता है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी ने नेताजी के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने बताया कि नेताजी का जीवन और आदर्श उन्हें हमेशा प्रेरित करते रहे हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र किया।
ई-ग्राम विश्वग्राम योजना कब शुरू हुई?
ई-ग्राम विश्वग्राम योजना 23 जनवरी 2009 को शुरू की गई थी।
नेताजी बोस की जयंती को पराक्रम दिवस क्यों घोषित किया गया?
नेताजी बोस की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित किया गया है ताकि उनकी महानता और योगदान को याद किया जा सके।
किस द्वीप का नाम नेताजी के नाम पर रखा गया है?
रॉस द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा गया है।
पीएम मोदी ने नेताजी की जयंती पर कौन-सी योजनाओं का उल्लेख किया?
उन्होंने ई-ग्राम विश्वग्राम योजना और अन्य सरकारी प्रयासों का उल्लेख किया।
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