क्या ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और विकास एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है?

सारांश
Key Takeaways
- ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण एनडीए सरकार की प्राथमिकता है।
- बाबा मणिराम अखाड़ा का जीर्णोद्धार धार्मिक और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है।
- महिलाओं के लिए नवीन योजनाएं लागू की गई हैं।
- स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- आगामी चुनाव में एनडीए की जीत की संभावना है।
बिहारशरीफ, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री सुनील कुमार ने रविवार को कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और विकास एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्री सुनील कुमार ने रविवार को बिहारशरीफ में 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि से हिंदुओं की आस्था से जुड़े ऐतिहासिक स्थल बाबा मणिराम अखाड़ा के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि यह स्थल पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से एक नया आयाम प्राप्त करेगा। क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण उनकी जिम्मेदारी है। बाबा मणिराम अखाड़ा का विकास न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूती देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
इस अवसर पर 'महिला संवाद कार्यक्रम' का भी आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में क्षेत्र में विकास की रफ्तार और भी तेज होगी।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर एनडीए को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि एनडीए के नेतृत्व में आज महिलाओं को उनका अधिकार और तरक्की का मार्ग मिला है।
उन्होंने राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष में फर्क साफ है। राज्य और केंद्र की सरकारों ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिनमें मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, उज्ज्वला योजना और महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल प्रमुख हैं। इन योजनाओं की बदौलत बिहार की महिलाएं शिक्षा, रोजगार और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने इस दौरान दावा किया कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत तय है।