24 अक्टूबर 2026
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यूपी 2027 चुनाव: स्वतंत्र देव सिंह का दावा — मोदी-योगी की लोकप्रियता से भाजपा की एकतरफा जीत तय

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यूपी 2027 चुनाव: स्वतंत्र देव सिंह का दावा — मोदी-योगी की लोकप्रियता से भाजपा की एकतरफा जीत तय

सारांश

2027 के यूपी चुनाव से पहले भाजपा ने आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया — मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मोदी-योगी की लोकप्रियता और कल्याण योजनाओं को एकतरफा जीत की गारंटी बताया, जबकि सपा के एमएलसी चुनाव गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से नकारा।

मुख्य बातें

मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुलंदशहर में दावा किया कि भाजपा 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में एकतरफा जीत दर्ज करेगी।
PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता, ईमानदारी और गरीब कल्याण योजनाओं को जीत का आधार बताया गया।
आयुष्मान भारत, PM आवास योजना (₹4 करोड़ मकान), 11 करोड़ शौचालय और किसान सम्मान निधि को प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।
सपा के एमएलसी चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों को सिंह ने निराधार बताया; कहा — चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहे।
NDA के सहयोगी दलों के बीच एकता का दावा; संजय निषाद के आरक्षण बयान पर कहा — सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 24 अक्टूबर 2026 को बुलंदशहर में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता, उनकी ईमानदारी तथा गरीब कल्याण योजनाओं के बल पर एकतरफा जीत दर्ज करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में हाल ही में संपन्न एमएलसी चुनावों के बाद सियासी तापमान तेज़ी से बढ़ा हुआ है।

मुख्य दावे और भाजपा का आत्मविश्वास

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शांति का माहौल कायम हुआ है और गुंडागर्दी पर लगाम लगी है। उन्होंने दावा किया कि आज महिलाएं रात में भी निर्भय होकर यात्रा कर सकती हैं। सिंह के अनुसार, केंद्र और प्रदेश की 'डबल इंजन सरकार' को जनता का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता साल के 365 दिन संगठन को मज़बूत करने और जनसेवा में जुटे रहते हैं। प्रशिक्षण शिविर, रैलियाँ और सम्मेलन — यही मज़बूत ज़मीनी ढाँचा पार्टी की असली ताकत है।

एमएलसी चुनाव विवाद और सपा पर पलटवार

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में संपन्न एमएलसी चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इस पर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। उनके अनुसार, चुनाव आयोग की देखरेख में मतदान कराया गया और भाजपा के कार्यकर्ता 'मारपीट और गुंडागर्दी में विश्वास नहीं रखते।'

आजम खान को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'समाजवादी पार्टी का एजेंडा सभी जानते हैं — गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट के ज़रिए सत्ता पाने की कोशिश।' उन्होंने इसके विपरीत भाजपा को गरीब-हितैषी और सर्वसमावेशी बताया।

कल्याण योजनाएं और विकास का दावा

सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत सूची गिनाई। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ पक्के मकान, 11 करोड़ शौचालय, आयुष्मान भारत योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने आम जनता के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने का भी दावा किया। सिंह के अनुसार, कई जिलों से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त किया गया है और अब उन क्षेत्रों में शांति और विकास का माहौल बन रहा है।

एनडीए की एकजुटता और आरक्षण विवाद

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दल संजय निषाद के आरक्षण संबंधी बयान पर सिंह ने कहा कि 'संविधान अपनी व्यवस्था के अनुसार काम करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सहयोगी दलों के अपने-अपने एजेंडे हो सकते हैं, परंतु चुनाव के वक्त सभी एकजुट होकर काम करते हैं और गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है।

गौरतलब है कि एमएलसी चुनावों को कई राजनीतिक विश्लेषक 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मुकाबले के रूप में देख रहे हैं। इस पर सिंह ने कहा कि भाजपा केवल चुनाव-केंद्रित नहीं, बल्कि निरंतर सेवा के माध्यम से जनविश्वास अर्जित करने में लगी पार्टी है।

आगे क्या होगा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है। एमएलसी चुनाव के नतीजे और ज़मीनी प्रतिक्रिया यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि दोनों दल अपनी चुनावी रणनीति किस दिशा में ले जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एमएलसी नतीजों को 'सेमीफाइनल' बताना दोधारी तलवार है — यदि विपक्ष उन नतीजों पर सवाल खड़े करने में कामयाब रहा तो यह फ्रेमिंग उलटी पड़ सकती है। NDA के भीतर आरक्षण पर सहयोगी दलों की अलग-अलग आवाज़ें और संजय निषाद जैसे नेताओं के बयान एकता के दावों को चुनौती देते हैं, जिसे सिंह ने केवल संवैधानिक जवाब से टालने की कोशिश की। 2022 में भाजपा ने यूपी में बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य के भीतर पार्टी के प्रदर्शन में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव आया — यह पृष्ठभूमि 'एकतरफा जीत' के दावे को महज़ पार्टी-लाइन से आगे साबित करने की ज़िम्मेदारी नेतृत्व पर डालती है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वतंत्र देव सिंह ने यूपी 2027 चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 24 अक्टूबर 2026 को बुलंदशहर में कहा कि PM मोदी और CM योगी की लोकप्रियता तथा कल्याण योजनाओं के बल पर भाजपा 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में एकतरफा जीत दर्ज करेगी। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' को जनता का भरोसा प्राप्त बताया।
एमएलसी चुनाव पर सपा के आरोपों का भाजपा ने क्या जवाब दिया?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एमएलसी चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों को स्वतंत्र देव सिंह ने सिरे से नकारा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहा, और भाजपा कार्यकर्ता 'मारपीट और गुंडागर्दी में विश्वास नहीं रखते।'
भाजपा ने यूपी में अपनी उपलब्धि के तौर पर कौन-सी योजनाएं गिनाईं?
स्वतंत्र देव सिंह ने PM आवास योजना के तहत 4 करोड़ पक्के मकान, 11 करोड़ शौचालय, आयुष्मान भारत योजना और किसान सम्मान निधि को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में सामने रखा। उन्होंने इन्हें डबल इंजन सरकार की जन-कल्याण प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
NDA में आरक्षण को लेकर मतभेद की खबरों पर सिंह ने क्या कहा?
संजय निषाद के आरक्षण संबंधी बयान पर सिंह ने कहा कि 'संविधान अपनी व्यवस्था के अनुसार काम करता है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि NDA के सभी सहयोगी दल एकजुट हैं और चुनाव आने पर मिलकर काम करेंगे।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा की रणनीति क्या है?
सिंह के अनुसार भाजपा की रणनीति केवल चुनाव-केंद्रित नहीं, बल्कि साल भर जनसेवा और संगठन को मज़बूत करने पर आधारित है। प्रशिक्षण शिविर, रैलियाँ और सम्मेलनों के ज़रिए ज़मीनी कार्यकर्ताओं को तैयार करना पार्टी की दीर्घकालिक चुनावी तैयारी का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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