स्वतंत्र देव सिंह का विपक्ष पर हमला: 'हिंदुस्तान न बांग्लादेश बनेगा, न पाकिस्तान'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 17 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत न बांग्लादेश बन सकता है और न पाकिस्तान। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस देश की अपनी संस्कृति है और यहाँ 'सबका साथ, सबका विकास और सभी का विश्वास' के सिद्धांत पर शासन चलता है। यह बयान उस समय आया जब विपक्षी दल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे।
मुख्य बयान: भारत की तुलना पड़ोसी देशों से
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, 'पाकिस्तान हो चाहे बांग्लादेश हो, वहाँ लोग खुलेआम अपने मंदिर में नहीं जा सकते हैं। हिंदू धर्म वहाँ से पलायन होता है। आप देखेंगे जो हिंदुओं की संख्या-जनसंख्या वहाँ थी, आज घटकर जीरो पर आती चली जा रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को भुखमरी की कगार पर नहीं ले जाया जा सकता, जैसा कि कथित तौर पर इन देशों में हो रहा है।
सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता पर ज़ोर
मंत्री ने कहा कि भारत की सेना, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं और देश की बाहरी व आंतरिक सुरक्षा दोनों मज़बूत हैं। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासनकाल में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाता है और 'भारत माता की जय' के नारे लगते हैं, जो पहले संभव नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद को समाप्त किया जा चुका है और नक्सली क्षेत्रों के लोग आज मुख्यधारा से जुड़े हैं।
विपक्ष पर वंशवाद का आरोप
स्वतंत्र देव सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा, 'कांग्रेस-सपा कोई संगठनात्मक राजनीति नहीं करती है। वह वंशवाद की राजनीति है। जिसको मन उसको टिकट देते हैं, दबंग को, मज़बूत आदमी को जो राज्य को लूट सके, ऐसे लोगों को कांग्रेस और सपा टिकट देते हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि BJP एक संगठन और कार्यकर्ता आधारित पार्टी है जहाँ बूथ का अध्यक्ष भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है।
गांधी परिवार पर निशाना
मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सपा में लोहिया जी ने और कांग्रेस में पुराने नेताओं ने नेतृत्व किया था, उस परंपरा को गांधी परिवार ने 'चौपट' कर दिया। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि ये नेता राजनीति को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। आलोचकों का कहना है कि BJP की ओर से यह बयान विपक्षी प्रदर्शन को कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
आगे की राजनीतिक दिशा
उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच BJP नेताओं के ऐसे बयान राज्य की राजनीतिक गर्मी को बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावी मौसम से पहले सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रकार के बयान हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विमर्श को केंद्र में रखने का प्रयास है।