अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'राजनीतिक दल नहीं, गैंग है' — UP से हटी तो देश से भी जाएगी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक गैंग है जो समाज में दरार डालने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है और जिस दिन वह उत्तर प्रदेश से हटेगी, उस दिन देश से भी उसकी विदाई तय होगी।
आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर हमला
अखिलेश यादव आचार्य नरेंद्र देव की 137वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुँचे थे। इसके बाद उन्होंने सपा के प्रदेश मुख्यालय में आचार्य नरेंद्र देव और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव को महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बहुभाषाविद, बौद्ध दर्शन के मर्मज्ञ और समाजवादी आंदोलन का प्रमुख स्तंभ बताया। यादव ने कहा कि आचार्य जी का मानना था कि शांतिपूर्ण क्रांति से ही समाज को सही दिशा मिल सकती है और सीतापुर में जन्मे इस महापुरुष की राजनीतिक कर्मभूमि अयोध्या रही, जहाँ उन्होंने BHU में शिक्षक के रूप में भी कार्य किया।
सरदार पटेल के नाम पर BJP को घेरा
सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने आज़ाद भारत की रियासतों को एकजुट किया और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिक ताकतों से है और जब ये ताकतें कमज़ोर होंगी, तो लोकतंत्र और मज़बूत बनेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई पर आरोप
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में 26 हज़ार प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए हैं और अब बंद स्कूलों में शराब की दुकानें खोलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो सरकार एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना दिखाती है, वह कथित तौर पर 'चंदा चोरी' में लगी है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दस वर्षों में गोरखपुर और आगरा में पाँच-पाँच सौ निजी अस्पताल पंजीकृत हुए हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
कानून व्यवस्था पर केंद्रीय गृह मंत्री को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े एक सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था, पुलिस के व्यवहार और पुलिस हिरासत में हो रही मौतों की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में पुलिस हिरासत में इतनी मौतें क्यों हो रही हैं और महिलाओं व दलित समाज के खिलाफ अपराध के मामले क्यों बढ़ रहे हैं।
यादव ने यह भी पूछा कि PDA और दलित समाज के लोगों को प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है, प्रदेश की जेलों में PDA समाज के लोग इतनी बड़ी संख्या में क्यों हैं, निर्दोष लोगों के घरों पर बुलडोजर क्यों चलाया जा रहा है और STF को 'एक जाति की फोर्स' क्यों बना दिया गया है।
आगे क्या
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति जातीय समीकरण और शासन-विफलता को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। अखिलेश यादव ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि सपा कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करेंगे और प्रदेश के छात्र, किसान, युवा व्यापारी समेत सभी वर्ग भाजपा को सबक सिखाएंगे।