शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव का हमला: यूपी के 26 हज़ार बंद स्कूल खोलने का वादा, 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में 26 हज़ार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए हैं, जिसकी सबसे बड़ी मार पिछड़े, दलित और वंचित (पीडीए) वर्ग के बच्चों पर पड़ रही है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा की सरकार बनने पर ये सभी स्कूल फिर से खोले जाएँगे।
पाठशाला पुकारे कार्यक्रम
इसी मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने 5 सितंबर को प्रदेशभर के बंद प्राथमिक विद्यालयों में 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी का केंद्रीय नारा रहा — 'बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।' यह आयोजन सांकेतिक रूप से उन्हीं बंद विद्यालयों में किया गया, जिन्हें अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों का परिणाम बताया है।
एक्स पर पोस्टर जारी कर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्टर जारी करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में जो 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय भाजपा सरकार ने बंद किए हैं, उन सभी में समाजवादी पार्टी आज 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम का मूल संदेश यही है कि जब बंद स्कूल खुलेंगे, तभी पीडीए वर्ग के बच्चे शिक्षा पा सकेंगे।
शिक्षा और सामाजिक न्याय का संदेश
अखिलेश यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना यह है कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार, 'शिक्षा से ही शोषित-वंचित, गरीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी' जो प्रभुत्ववादी वर्चस्व को चुनौती देगी, भेदभाव को समाप्त करेगी और समता-समानता पर आधारित सामाजिक न्याय की स्थापना करेगी। उन्होंने इसे 'बंधु राष्ट्र' के संकल्प से भी जोड़ा।
भाजपा सरकार पर आरोप और सपा का वादा
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने के बजाय सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर 26 हज़ार से अधिक बंद प्राथमिक विद्यालयों को पुनः संचालित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह मुद्दा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा बनता दिख रहा है, जहाँ पीडीए वर्ग को केंद्र में रखकर विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।