5 सितंबर 2026
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शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव का हमला: यूपी के 26 हज़ार बंद स्कूल खोलने का वादा, 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम

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शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव का हमला: यूपी के 26 हज़ार बंद स्कूल खोलने का वादा, 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम

सारांश

शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर 26 हज़ार स्कूल बंद करने का आरोप लगाया और 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम के ज़रिए पीडीए वर्ग को संदेश दिया — 'बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।' यह 2027 चुनावों से पहले सपा की सामाजिक न्याय की राजनीति का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भाजपा सरकार पर 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय बंद करने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी ने प्रदेशभर के बंद स्कूलों में 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम आयोजित किया।
पार्टी का नारा रहा — 'बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।' अखिलेश यादव ने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर सभी बंद विद्यालय पुनः खोले जाएँगे।
उन्होंने एक्स (X) पर पोस्टर जारी कर कहा कि शिक्षा से ही वंचित समाज में सामाजिक-राजनीतिक चेतना जागेगी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में 26 हज़ार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए हैं, जिसकी सबसे बड़ी मार पिछड़े, दलित और वंचित (पीडीए) वर्ग के बच्चों पर पड़ रही है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा की सरकार बनने पर ये सभी स्कूल फिर से खोले जाएँगे।

पाठशाला पुकारे कार्यक्रम

इसी मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने 5 सितंबर को प्रदेशभर के बंद प्राथमिक विद्यालयों में 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी का केंद्रीय नारा रहा — 'बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।' यह आयोजन सांकेतिक रूप से उन्हीं बंद विद्यालयों में किया गया, जिन्हें अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों का परिणाम बताया है।

एक्स पर पोस्टर जारी कर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्टर जारी करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में जो 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय भाजपा सरकार ने बंद किए हैं, उन सभी में समाजवादी पार्टी आज 'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम का मूल संदेश यही है कि जब बंद स्कूल खुलेंगे, तभी पीडीए वर्ग के बच्चे शिक्षा पा सकेंगे।

शिक्षा और सामाजिक न्याय का संदेश

अखिलेश यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना यह है कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार, 'शिक्षा से ही शोषित-वंचित, गरीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी' जो प्रभुत्ववादी वर्चस्व को चुनौती देगी, भेदभाव को समाप्त करेगी और समता-समानता पर आधारित सामाजिक न्याय की स्थापना करेगी। उन्होंने इसे 'बंधु राष्ट्र' के संकल्प से भी जोड़ा।

भाजपा सरकार पर आरोप और सपा का वादा

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने के बजाय सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर 26 हज़ार से अधिक बंद प्राथमिक विद्यालयों को पुनः संचालित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह मुद्दा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा बनता दिख रहा है, जहाँ पीडीए वर्ग को केंद्र में रखकर विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा की पीडीए-केंद्रित राजनीति का सुचिंतित संकेत है। असली सवाल यह है कि क्या 26 हज़ार स्कूलों के बंद होने का आँकड़ा सत्यापित है और इसके पीछे प्रशासनिक कारण क्या रहे — जिसका जवाब भाजपा सरकार ने अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिया। शिक्षा और सामाजिक न्याय का यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया नहीं है, लेकिन इसे शिक्षक दिवस पर उठाकर सपा ने भावनात्मक और प्रतीकात्मक दोनों मोर्चों पर दाँव खेला है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पाठशाला पुकारे' कार्यक्रम क्या है?
यह समाजवादी पार्टी द्वारा 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर आयोजित एक अभियान है, जिसमें उत्तर प्रदेश के कथित रूप से बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य बंद स्कूलों के मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाना और पीडीए वर्ग को शिक्षा का अधिकार दिलाने का संदेश देना था।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में 26 हज़ार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर पिछड़े, दलित और वंचित (पीडीए) वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है।
पीडीए वर्ग कौन है और इस मुद्दे से उनका क्या संबंध है?
पीडीए का अर्थ है — पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग, जो सपा की राजनीतिक पहचान का केंद्र है। अखिलेश यादव का तर्क है कि सरकारी स्कूल बंद होने से इसी वर्ग के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि वे निजी स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते।
सपा सरकार बनने पर बंद स्कूलों के बारे में क्या वादा किया गया है?
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 26 हज़ार से अधिक बंद प्राथमिक विद्यालयों को पुनः खोला जाएगा। उन्होंने इसे शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया।
अखिलेश यादव ने शिक्षा और सामाजिक न्याय को कैसे जोड़ा?
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही शोषित और वंचित समाज में सामाजिक-राजनीतिक चेतना पैदा कर सकती है, जो भेदभाव को समाप्त कर समता और सामाजिक न्याय की दिशा को मजबूत करेगी। उन्होंने इसे 'बंधु राष्ट्र' के संकल्प से भी जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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