क्या 25 अगस्त का दिन तजिंदरपाल सिंह के लिए ऐतिहासिक था?

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क्या 25 अगस्त का दिन तजिंदरपाल सिंह के लिए ऐतिहासिक था?

सारांश

क्या आपने सुना है तजिंदरपाल सिंह के बारे में? 25 अगस्त 2018 को उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी और उनकी उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

तजिंदरपाल का संघर्ष और सफलता का सफर प्रेरणादायक है।
25 अगस्त 2018 को उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स तोड़कर उन्होंने राष्ट्रीय गौरव बढ़ाया।
अनुशासन और मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है।
युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शॉट पुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह ने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। पंजाब के एक छोटे से गांव से आने वाले तजिंदर ने बचपन से ही एथलेटिक्स की ओर झुकाव दिखाया। उनकी शक्तिशाली थ्रो तकनीक और कड़ी मेहनत ने उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक दिलाए। 25 अगस्त 2018 को एशियन गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा, जिससे देशवासियों को गर्व का अनुभव हुआ।

तजिंदरपाल सिंह का जन्म 13 नवंबर 1994 को खोसा पंडो गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन में, तजिंदर क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता की इच्छा थी कि उनका बेटा व्यक्तिगत खेलों में अपना करियर बनाए।

तजिंदर के पिता करम सिंह आसपास के इलाकों में रस्साकशी के खेल के लिए प्रसिद्ध थे, जबकि उनके चाचा गुरदेव सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शॉट पुट के विजेता रहे थे।

तजिंदर ने चाचा की देखरेख में शॉट पुट की ट्रेनिंग शुरू की और जल्दी ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने लगे।

साल 2015 में तजिंदर के पिता को स्किन कैंसर का पता चला, और अगले साल उन्हें बोन कैंसर का पता चला, जो चौथी स्टेज में था। उस समय तजिंदर भारतीय नेवी में कार्यरत थे, और उनके पिता के इलाज का खर्च नेवी उठा रही थी, जिससे तजिंदर को खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।

साल 2016 में फेडरेशन कप शॉट पुट खिताब जीतने के बाद उन्हें एक बड़ी पहचान मिली। 2017 में उन्होंने अल्माटी कोसानोव मेमोरियल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता, और एक महीने बाद एशियन चैंपियनशिप में 19.77 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर पदक जीता।

25 अगस्त 2018 को 18वें एशियन गेम्स में तजिंदर ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया।

उन्होंने 20.75 मीटर की दूरी पर गोला फेंकते हुए गोल्ड जीतते हुए ओम प्रकाश करहाना द्वारा बनाए गए 20.69 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा, और सऊदी अरब के सुल्तान-अल हेब्सी के 20.57 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड को भी ध्वस्त किया।

साल 2019 में तजिंदरपाल को 'अर्जुन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। उनका मानना है कि अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण से ही सफलता प्राप्त होती है, जिससे वह आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तजिंदरपाल सिंह ने कब स्वर्ण पदक जीता?
तजिंदरपाल सिंह ने 25 अगस्त 2018 को एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
तजिंदरपाल सिंह का जन्म कब हुआ?
तजिंदरपाल सिंह का जन्म 13 नवंबर 1994 को हुआ।
तजिंदरपाल सिंह का पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब कब मिला?
तजिंदरपाल सिंह को 2017 में अल्माटी कोसानोव मेमोरियल में पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब मिला।
उन्हें किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
उन्हें 2019 में 'अर्जुन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
तजिंदरपाल सिंह का प्रेरणा स्रोत कौन था?
तजिंदरपाल सिंह का प्रेरणा स्रोत उनके चाचा गुरदेव सिंह थे, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शॉट पुट विजेता रहे।
राष्ट्र प्रेस
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