तमिलनाडु में चुनाव से पहले प्रशासनिक बदलाव, नए मुख्य सचिव की नियुक्ति
सारांश
Key Takeaways
- मुख्य सचिव एन. मुरुगानंदम को हटाया गया है।
- एम. साई कुमार को नया मुख्य सचिव बनाया गया है।
- उच्चस्तरीय प्रशासनिक बदलाव चुनाव की निष्पक्षता बढ़ाने के लिए हैं।
- हटाए गए अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
- यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
चेन्नई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के मुख्य सचिव एन. मुरुगानंदम को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम. साई कुमार को तुरंत प्रभाव से नियुक्त किया गया है।
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक आदेश में तमिलनाडु सरकार को यह निर्देश दिए हैं कि इन परिवर्तनों को शीघ्रता से लागू किया जाए और उसी दिन शाम 6 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाए। आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल को डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (डीवीएसी) और आर्म्ड पुलिस का प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने डेविडसन देवासिर्वथम की जगह ली है, जिन्हें आयोग के निर्देश पर उनके पद से हटा दिया गया है।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हटाए गए अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी जिम्मेदारी में नहीं लगाया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि आयोग चुनाव में किसी भी तरह के पक्षपात या सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त रुख अपना रहा है।
अधिकांश समय चुनाव के दौरान इस प्रकार के उच्च स्तर के प्रशासनिक परिवर्तन इसलिए किए जाते हैं ताकि निष्पक्ष वातावरण बना रहे और सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिल सके।
इस समय तमिलनाडु में चुनावी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं और सभी प्रमुख पार्टियाँ प्रचार के अंतिम चरण में हैं। ऐसे में आयोग की यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इन अचानक हुए शीर्ष स्तर के परिवर्तनों का प्रशासन और चुनावी तैयारियों पर तात्कालिक असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि नए अधिकारी संवेदनशील समय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालेंगे।