क्या तमिलनाडु सरकार फरवरी अंत तक 10 लाख छात्रों को फ्री लैपटॉप देगी?
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु सरकार द्वारा 10 लाख छात्रों को मुफ्त लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे।
- लैपटॉप में इंटेल आई3 या एएमडी राइजेन 3 प्रोसेसर होगा।
- प्रत्येक लैपटॉप में विंडो 11 और अन्य सॉफ़्टवेयर पहले से लोडेड होंगे।
- इस योजना का दूसरा चरण मार्च में शुरू होगा।
- लैपटॉप के साथ एक उच्च गुणवत्ता वाला बैग भी प्रदान किया जाएगा।
चेन्नई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु सरकार ने कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप बांटने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को गति दी है। इस योजना का पहला चरण फरवरी अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पहले चरण में 10 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा और लगभग दो लाख लैपटॉप पहले ही योग्य छात्रों तक पहुंच चुके हैं।
कुल 20 लाख लैपटॉप खरीदने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय टेंडर जारी किया गया है, जिसमें राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है।
इन लैपटॉप को डेल, एसर और एचपी जैसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
इन सिस्टम में इंटेल आई3 या एएमडी राइजेन 3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज होगा। प्रत्येक लैपटॉप में पहले से ही विंडो 11, बॉस लिनक्स और एमएस ऑफिस 365 प्री-लोडेड होंगे, जिससे छात्रों को उनकी पढ़ाई के लिए आवश्यक प्लेटफार्म मिल सकें।
इन लैपटॉप के साथ एआई-पावर्ड परप्लेक्सिटी प्रो प्लेटफॉर्म का छह महीने का मुफ्त सब्सक्रिप्शन भी शामिल होगा, जिसका उद्देश्य रिसर्च और अध्ययन में सहायता करना है। लैपटॉप के साथ-साथ लाभार्थियों को एक उच्च गुणवत्तापूर्ण बैग भी दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के लगभग 4,600 आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर और मेडिकल कॉलेजों में लाभार्थियों की पहचान का काम लगभग पूरा हो चुका है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि एक लाख से अधिक लैपटॉप पहले ही बांटे जा चुके हैं। कॉलेजों ने लगभग सभी छात्रों की जानकारी जमा कर दी है, जिनकी अनुभवी जांच की जा रही है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि हर योग्य छात्र को इस योजना का लाभ मिले।
डिस्ट्रीब्यूशन का दूसरा चरण मार्च में शुरू होने की संभावना है, जिससे योजना की पहुंच और बढ़ेगी। लैपटॉप सप्लाई करने वाली कंपनियां सभी जिलों में सर्विस सेंटर भी स्थापित करेंगी, ताकि बिक्री के बाद का समर्थन उपलब्ध हो सके।
इस बीच, अधिकारियों ने छात्रों को सोशल मीडिया पर योजना के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बारे में फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने की चेतावनी दी है और दोहराया है कि लाभार्थियों का चयन सिर्फ कॉलेजों के माध्यम से ही किया जा रहा है।