क्या तमिलनाडु में भीषण बस हादसे ने लोगों को चौंका दिया?
सारांश
Key Takeaways
- दो बसों की टक्कर में 12 लोगों की मृत्यु हुई।
- 40 से अधिक लोग घायल हुए।
- घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- सड़क सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
- इस तरह के हादसे बढ़ते जा रहे हैं।
शिवगंगा, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में रविवार को एक भीषण हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। कुंगमगुड़ी के पास दो बसें आमने-सामने टकरा गईं और टक्कर इतनी भयानक थी कि सड़क पर चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में मौके पर ही 12 लोगों की जान गई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। कई यात्री बस में फंसे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कई मुश्किलें झेलनी पड़ीं।
यह घटना रविवार शाम को हुई, जब दोनों बसें एक संकरी सड़क पर विपरीत दिशाओं से आ रही थीं। अचानक दोनों बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे दोनों बसें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। आस-पास के लोग तेज आवाज सुनकर दौड़कर मौके पर पहुंचे और खिड़कियां एवं दरवाजे तोड़कर घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। कुछ यात्री बेहोश पड़े थे, कुछ दर्द से चिल्ला रहे थे, और पूरा माहौल बेहद दर्दनाक था।
पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा ओवरस्पीडिंग, कम दृश्यता या ड्राइवर की थकान के कारण हुआ, लेकिन शुरुआती संकेत इन्हीं कारणों की ओर इशारा करते हैं। घायलों को तुरंत शिवगंगा और कराईकुडी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई यात्रियों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। कई लोगों को फ्रैक्चर, सिर में चोट और गंभीर चोटें आई हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर तमिलनाडु में बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पिछले कुछ महीनों में त्रिची, सलेम और विल्लुपुरम जैसे जिलों में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में तेनकासी में दो प्राइवेट बसों की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई थी। यही कारण है कि लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि सड़कों पर इतनी मौतें कब रुकेंगी?
आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में 2023 में 67,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो भारत के किसी भी राज्य के लिए सबसे ज्यादा है और देश की कुल दुर्घटनाओं का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा है। सड़क सुरक्षा के लिए राज्य में समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। 2025 में हादसों की संख्या में कमी आई है, फिर भी हादसों का क्रम जारी है।
पिछले महीने सबरीमाला जा रही एक बस भी इसी तरह रेलिंग से टकरा गई थी, जिसमें कई यात्री घायल हुए थे। शिवगंगा के इस ताजा हादसे के बाद फिर से मांग उठ रही है कि सरकारी बसों की निगरानी बढ़ाई जाए, ड्राइवरों के स्वास्थ्य की नियमित जांच हो, और खराब सड़कों की मरम्मत तुरंत की जाए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।