तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था सबसे बदतर, सरकार अलोकतांत्रिक : डीएमके प्रवक्ता एलंगोवन
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने 6 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में तमिलनाडु की मौजूदा राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था, अन्ना सीर योजना, नर्सों के विरोध-प्रदर्शन, चुनाव नियम उल्लंघन की शिकायत और श्रीलंका में बंदी मछुआरों जैसे कई ज्वलंत मुद्दों पर एक के बाद एक तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं। एलंगोवन के बयानों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला
एलंगोवन ने कहा, 'तमिलनाडु में हालात सबसे खराब हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों में राज्य में कई मौतें हुई हैं, जिनमें हिरासत में मौतें भी शामिल हैं। उनका दावा था कि जब आम नागरिक पुलिस के पास ड्रग तस्करों की शिकायत लेकर जाते हैं, तो पुलिस वही सूचना तस्करों तक पहुँचा देती है और शिकायतकर्ता को जान से हाथ धोना पड़ता है। यह एक गंभीर आरोप है जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, परंतु एलंगोवन ने इसे दृढ़ता से दोहराया।
नर्सों के प्रदर्शन पर: 'सरकार लोकतंत्र-विरोधी'
नर्सों के जारी विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए एलंगोवन ने कहा, 'इस सरकार में किसी को भी विरोध करने का अधिकार नहीं है क्योंकि यह एक निरंकुश सरकार है।' उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में सरकार का दायित्व है कि वह विरोध करने वालों को बुलाए, उनकी बात सुने और उनकी शिकायतों का निवारण करे। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार इस बुनियादी संवैधानिक दायित्व से मुँह फेर रही है, जो लोकतंत्र-विरोधी रवैया है।
अन्ना सीर योजना पर सवाल
राज्य सरकार की अन्ना सीर योजना के तहत दिए जाने वाले उपहार पर एलंगोवन ने तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'वे केवल 1 ग्राम सोने का सिक्का दे रहे हैं। 8 ग्राम सोने का सिक्का कहाँ है? उन्होंने 8 ग्राम सोने का सिक्का नहीं दिया है।' इस बयान से स्पष्ट होता है कि DMK सरकार पर वादे और अमल के बीच की खाई को लेकर जनता का ध्यान खींचने की कोशिश कर रही है।
मदुरंतकम उम्मीदवार और चुनाव नियम विवाद
मदुरंतकम से DMK उम्मीदवार परंथमन के खिलाफ चुनाव नियम उल्लंघन की शिकायत के बारे में एलंगोवन ने कहा कि परंथमन ने कोई नियम नहीं तोड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परंथमन पार्टी के एक प्रवक्ता भी हैं और दूसरों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब देना उनकी ज़िम्मेदारी है। यह एक ऐसे समय में आया है जब राज्य में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है।
श्रीलंका में बंदी मछुआरे : चुनावी राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय द्वारा विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे उस पत्र पर, जिसमें श्रीलंका की हिरासत में बंद 20 तमिलनाडु मछुआरों और 270 जब्त मछली पकड़ने वाली नौकाओं की रिहाई के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की माँग की गई है, एलंगोवन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मछुआरों को बहुत पहले गिरफ्तार किया गया था और मुख्यमंत्री ने अब तक उनकी परवाह नहीं की। एलंगोवन ने आरोप लगाया, 'मुझे लगता है कि आज मतदान हो रहा है, इसलिए वह चुनाव के लिए यह सब कर रहे हैं।' यह बयान राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है और चुनावी मौसम में मछुआरों के मुद्दे के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है। आगे की राजनीतिक हलचल इस बात पर निर्भर करेगी कि उपचुनाव के परिणाम किस दिशा में जाते हैं।