क्या तरुण चुघ ने ममता सरकार पर घुसपैठ के मुद्दे पर तीखा हमला किया?

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क्या तरुण चुघ ने ममता सरकार पर घुसपैठ के मुद्दे पर तीखा हमला किया?

सारांश

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव तरुण चुघ ने ममता बनर्जी सरकार की घुसपैठ नीति पर सवाल उठाया है, जो राज्य की डेमोग्राफी को प्रभावित कर रही है। उनका कहना है कि घुसपैठियों के कारण बंगाल में कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।

Key Takeaways

  • घुसपैठ ने बंगाल की डेमोग्राफी को प्रभावित किया है।
  • ममता बनर्जी की संरक्षण नीति पर सवाल उठाया गया है।
  • केंद्र सरकार सीएए के माध्यम से शरणार्थियों की मदद कर रही है।
  • राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक ताने-बाने को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है।
  • महिलाओं के उत्थान के लिए योजनाएं और विपक्ष की निंदा।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने घुसपैठ के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि ममता सरकार की खुली संरक्षण नीति के कारण घुसपैठियों ने राज्य की डेमोग्राफी, कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में चुघ ने कहा, "ममता बनर्जी के शासन में घुसपैठियों ने राज्य की स्थिति को बिगाड़ दिया है। यह सब ममता सरकार की खुली संरक्षण नीति का परिणाम है। आज घुसपैठियों के कारण ही ममता बनर्जी की सरकार चल रही है।"

उन्होंने यह भी कहा कि दंगों, असुरक्षा और अराजकता की जड़ यही घुसपैठिए हैं, जिन्हें ममता बनर्जी सरकार खुली घुसपैठिया संरक्षण नीति के तहत बसा रही है। अपने राजनीतिक लाभ के लिए ममता सरकार ने दशकों तक इस स्थिति को नजरअंदाज किया। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सीएए के माध्यम से वास्तविक शरणार्थियों की मदद कर रही है। शरणार्थियों की देखभाल करना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम इसके लिए वचनबद्ध हैं।

उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा, "राहुल गांधी के करीबी विधायक फूल सिंह बरैया ने दलित महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपमानजनक और गलत बयान दिए हैं। इसके बाद कांग्रेस की सहयोगी पार्टी, सपा के नेता एसटी हसन का बयान 'इंडी गठबंधन' की महिला विरोधी मानसिकता का परिचय है।"

भाजपा नेता ने आगे कहा, "विपक्षी नेताओं के बयान न केवल महिलाओं के खिलाफ हैं, बल्कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को जायज ठहराने की घिनौनी कोशिश भी हैं। देश ऐसी मानसिकता और बयानों की निंदा करता है।"

उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए नई योजनाएं लाई जा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ इतनी घिनौनी मानसिकता से बलात्कार जैसे अपराध को जायज ठहराने वाली 'इंडी गठबंधन' बयानबाजी कर रहा है।

Point of View

हमें यह समझने की आवश्यकता है कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी पक्ष द्वारा नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

तरुण चुघ ने ममता बनर्जी सरकार पर क्या आरोप लगाया?
तरुण चुघ ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार की खुली संरक्षण नीति के कारण घुसपैठियों ने राज्य की डेमोग्राफी और कानून व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
सीएए क्या है?
सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019, एक कानून है जो भारत में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है।
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