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राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ अभियान समाप्त करने पर अंतिम निर्णय लेंगे: व्हाइट हाउस

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राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ अभियान समाप्त करने पर अंतिम निर्णय लेंगे: व्हाइट हाउस

सारांश

व्हाइट हाउस ने बताया है कि ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का अंत तब होगा जब सभी सैन्य लक्ष्य प्राप्त हो जाएंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस निर्णय के अंतिम प्राधिकरण होंगे।

मुख्य बातें

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया जा रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस अभियान के समापन का निर्णय लेंगे।
ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में कमी आई है।
अमेरिकी सेना ने ईरान की ५० से अधिक नौसेना के जहाजों को नष्ट किया है।
यह अभियान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

वाशिंगटन, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को तब समाप्त किया जाएगा, जब ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के सभी लक्ष्य पूर्ण रूप से प्राप्त हो जाएंगे। इस अभियान के समापन का अंतिम निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही लेंगे।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि यह सैन्य अभियान अपेक्षा से जल्दी प्रगति कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि युद्ध कब समाप्त होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि राष्ट्रपति कब यह महसूस करेंगे कि सभी सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं।

लेविट ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि अभियान तब समाप्त होगा, जब कमांडर-इन-चीफ यानी राष्ट्रपति यह तय करेंगे कि सभी सैन्य उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है, और ईरान पूरी तरह से आत्मसमर्पण की स्थिति में है, चाहे वह औपचारिक रूप से इसकी घोषणा करे या नहीं।

प्रारंभ में, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस अभियान के लिए लगभग ४ से ६ सप्ताह का समय निर्धारित किया था। राष्ट्रपति और अमेरिकी सेना का प्रारंभिक आकलन भी यही था कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के सभी लक्ष्य प्राप्त करने में लगभग ४ से ६ सप्ताह का समय लगेगा।

इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना, उसकी नौसेना को कमजोर करना, और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है। इसके साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय ईरान समर्थित उग्रवादी संगठनों को भी निष्क्रिय करना इस अभियान का हिस्सा है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, अब तक इस अभियान के दौरान ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। लेविट ने कहा कि अब तक दुश्मन के ५,००० से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू होने के बाद से ईरान के जवाबी हमलों में काफी कमी आई है। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में ९० प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि ड्रोन हमलों में लगभग ३५ प्रतिशत की कमी आई है।

अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसैनिक ताकत को भी निशाना बनाया है। लेविट ने कहा, "हमने ५० से अधिक ईरानी नौसेना के जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसमें एक बड़ा ड्रोन कैरियर जहाज भी शामिल है।"

व्हाइट हाउस का कहना है कि अब ईरान की नौसेना समुद्री मार्गों में प्रभावी रूप से कार्य करने की स्थिति में नहीं है। आकलन के अनुसार, ईरानी नौसेना की युद्ध क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।

लेविट ने बताया कि अमेरिकी सेना अब ईरान के हथियार निर्माण से जुड़े ढांचे को नष्ट करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत ईरान की मिसाइल निर्माण संरचना को समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, "हमारे शक्तिशाली B-2 बमवर्षकों ने हाल ही में गहराई में छिपी मिसाइल स्थलों पर दर्जनों २,००० पाउंड के पेनेट्रेटर बम गिराए हैं।"

व्हाइट हाउस ने दोहराया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को समाप्त करना है, जिससे वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सके। इस अभियान के तहत ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करना, उसके मिसाइल उद्योग को समाप्त करना, क्षेत्र में सक्रिय उसके आतंकवादी प्रॉक्सी की ताकत को कम करना, और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

उन्होंने कहा, “जब ये लक्ष्य पूरे हो जाएंगे, तो अंततः इस ऑपरेशन को समाप्त करने का निर्णय राष्ट्रपति पर निर्भर करेगा।”

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी तब शुरू किया जब वाशिंगटन इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ईरान न्यूक्लियर हथियार हासिल करने और अपनी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि वर्तमान स्थिति में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का उद्देश्य केवल सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता भी सुनिश्चित करना है। यह आवश्यक है कि सभी कार्रवाईयों का उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना हो।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का उद्देश्य क्या है?
इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना, उसकी नौसेना को कमजोर करना, और उसे परमाणु हथियारों के विकास से रोकना है।
यह अभियान कब समाप्त होगा?
यह अभियान तब समाप्त होगा जब राष्ट्रपति ट्रंप सभी सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त मानेंगे।
ईरान के जवाबी हमलों में कमी क्यों आई है?
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के चलते ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
अमेरिकी सेना ने ईरान की कौन-कौन सी ताकतों को निशाना बनाया है?
अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना और मिसाइल निर्माण स्थलों को निशाना बनाया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार इस अभियान का क्या महत्व है?
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह अभियान ईरान की खतरे की क्षमता को खत्म करने के लिए जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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