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क्या तेजस्वी यादव की बेवकूफी पर तरस आना चाहिए? - नित्यानन्द राय

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क्या तेजस्वी यादव की बेवकूफी पर तरस आना चाहिए? - नित्यानन्द राय

सारांश

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानन्द राय ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव की बेवकूफी पर तरस आना चाहिए। जानिए इस विवाद में क्या है खास और कैसे यह बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव के बयान पर नित्यानन्द राय का तीखा जवाब।
चुनाव में पारदर्शिता की आवश्यकता।
भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर केंद्रित राजनीति।
भीखूभाई दलसानिया का जीवन सेवा में समर्पित।

पटना, 13 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानन्द राय ने बुधवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के एसआईआर पर उठाए गए सवालों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के बारे में सोचते ही हंसी आती है और उनकी बेवकूफी पर तरस आता है।

पटना में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को यह समझना चाहिए कि चुनाव आयोग के एसआईआर के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही माना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या तेजस्वी यादव और महागठबंधन के लोग जाली मतदाताओं के माध्यम से चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं? जो इस देश के नागरिक नहीं हैं और किसी भी फर्जीवाड़े से मतदाता सूची में नाम जोड़ चुके हैं, क्या उनके सहारे चुनाव जीतना चाहते हैं? यह बिल्कुल गलत है।

राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा भाजपा नेता भीखूभाई दलसानिया पर लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय मंत्री नित्यानन्द राय ने कहा, "आपने, आपके पिताजी और माताजी ने सत्ता में रहकर यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार ही उनकी नियति है। उन्हें विकास से कोई लेना-देना नहीं है। बिहार के लोगों की खुशियों की कोई परवाह नहीं है। उन्हें केवल अपराधियों का संरक्षण देना है। परिवारवाद ही उनका मूल मंत्र रहा है।"

उन्होंने आगे कहा कि भीखूभाई दलसानिया ने अपने जीवन को भारत माता के चरणों में समर्पित किया है। संगठन और समाज की सेवा उन्होंने भारत के कई राज्यों में की है। उनका जीवन इस देश के लिए समर्पित है, चाहे वह गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार या दिल्ली हो। उन्होंने 2024 में बिहार की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। उनके लिए बिहार और गुजरात में कोई अंतर नहीं है। तेजस्वी यादव के विचार केवल तुष्टिकरण के लिए हैं और अपने परिवार के लिए वोट इकट्ठा कर शासन प्राप्त करने के लिए हैं, यह अब सभी के लिए स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह देश अब धर्मशाला नहीं बनेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नित्यानन्द राय ने तेजस्वी यादव पर क्या आरोप लगाए?
नित्यानन्द राय ने तेजस्वी यादव की बेवकूफी पर टिप्पणी की और सवाल उठाया कि क्या वे जाली मतदाताओं के माध्यम से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
भीखूभाई दलसानिया के बारे में राय का क्या कहना था?
उन्होंने कहा कि भीखूभाई दलसानिया का जीवन देश की सेवा में समर्पित है और उन्हें भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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