क्या तेजस्वी यादव की सरकार कभी नहीं बनेगी? उनके बयानों का कोई मतलब नहीं: सुशील कुमार सिंह

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क्या तेजस्वी यादव की सरकार कभी नहीं बनेगी? उनके बयानों का कोई मतलब नहीं: सुशील कुमार सिंह

सारांश

बिहार में वक्फ कानून पर तेजस्वी यादव के बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। क्या वाकई तेजस्वी यादव की सरकार कभी नहीं बनेगी? जानिए इस विवाद के पीछे का सच।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून को लेकर विवादास्पद बयान दिया।
भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने पलटवार किया।
वक्फ कानून मुसलमानों के लिए फायदेमंद बताया गया।

पटना, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में वक्फ कानून के खिलाफ रविवार को आयोजित एक जनसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो वक्फ कानून को "कूड़ेदान में फेंक देंगे"। उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने सोमवार को तेजस्वी के बयान पर पलटवार करते हुए इसे मुसलमानों को गुमराह करने वाला बताया।

सुशील कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राजद का यह एजेंडा रहा है। वे केवल सांप्रदायिक लहजे में बात करते हैं और स्वाभाविक रूप से शरिया कानून की बात करेंगे। उनके लिए हिंदू मायने नहीं रखते - उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता मुसलमान हैं। अफसोस की बात है कि उन्होंने नए वक्फ कानून का अध्ययन भी नहीं किया है। अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो उन्हें पता चलता कि यह मुसलमानों के लिए वास्तव में कितना फायदेमंद है। पसमांदा समाज से आने वाले 85 प्रतिशत मुसलमानों के पक्ष में यह कानून है। राजद इसी बात से परेशान है कि इस कानून से मुसलमानों का कैसा भला हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राजद के लोग वक्फ कानून के मुद्दे पर मुसलमान भाइयों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, एक चीज साफ है कि मुसलमान अगर वक्फ कानून का अध्ययन कर लेंगे तो राजद के छलावे में नहीं आएंगे और वक्फ कानून का समर्थन करेंगे। राजद इसीलिए वक्फ कानून के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है, जिससे मुसलमान गुमराह हो और इस वक्फ कानून को न समझ पाएं।

भाजपा नेता ने कहा, "मैं राजद से पूछना चाहता हूं कि हिन्दू के विरोध में बात करना और हमेशा मुसलमानों का पक्ष लेना क्या यही समाजवाद है। 'इंडी' गठबंधन के नेता भाजपा पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हैं। लेकिन, असल में वे सांप्रदायिक हैं। गठबंधन के नेता समाज में तनाव पैदा कर रहे हैं। आपस में हिन्दू-मुसलमानों को लड़ाने का काम कर रहे हैं। मैं फिर एक बार कह रहा हूं कि मुसलमानों को इस वक्फ कानून के बारे में पढ़ना चाहिए। मुझे विश्वास है कि वह कानून को जब एक बार पढ़ लेंगे तो इसके पक्ष में आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह बिहार के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने को भी प्रभावित कर सकती है। हमें यह समझना होगा कि दोनों पक्षों के विचार महत्वपूर्ण हैं और समाज को जोड़ने का प्रयास होना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून के बारे में क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी, तो वक्फ कानून को 'कूड़ेदान में फेंक देंगे'।
सुशील कुमार सिंह का तेजस्वी यादव के बयान पर क्या प्रतिक्रिया है?
सुशील कुमार सिंह ने इसे मुसलमानों को गुमराह करने वाला बताया और कहा कि राजद का यह एजेंडा है।
क्या वक्फ कानून मुसलमानों के लिए फायदेमंद है?
सुशील कुमार सिंह के अनुसार, यह कानून पसमांदा समाज के 85 प्रतिशत मुसलमानों के पक्ष में है।
राष्ट्र प्रेस