विश्व बैंक रिपोर्ट: तेलंगाना भारत के शीर्ष-5 उच्च-मध्यम आय राज्यों में, केटीआर ने बताया गर्व का पल
सारांश
मुख्य बातें
विश्व बैंक की प्रति व्यक्ति आय वर्गीकरण रिपोर्ट में तेलंगाना को भारत के शीर्ष पाँच 'अपर-मिडिल-इनकम' (उच्च-मध्यम आय) राज्यों में स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने 8 जुलाई को कहा कि यह तेलंगाना के नागरिकों के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय राज्य के लोगों की मेहनत और के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के नेतृत्व में बीआरएस सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल को दिया।
रिपोर्ट में क्या है: पाँच राज्यों की स्थिति
विश्व बैंक के वर्गीकरण के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय के आधार पर पाँच भारतीय राज्यों ने 'अपर-मिडिल-इनकम' श्रेणी की सीमा पार की है। दिल्ली $6,217 प्रति व्यक्ति आय के साथ सूची में प्रथम स्थान पर है। कर्नाटक $5,579 के साथ दूसरे और तेलंगाना $5,407 के साथ तीसरे स्थान पर है। तमिलनाडु $5,329 के साथ चौथे और गुजरात $4,734 के साथ पाँचवें स्थान पर है।
केटीआर का बयान: 'मेहनत से बना राज्य अब समृद्ध'
केटीआर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'यह तेलंगाना के लोगों के लिए गर्व का पल है। कड़ी मेहनत से बना यह अलग राज्य अब एक समृद्ध राज्य बन गया है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट से पता चलता है कि तेलंगाना ने अपर-मिडिल-इनकम श्रेणी का स्तर हासिल कर लिया है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'पिछले 10 सालों में बड़ा बदलाव आया है। जो क्षेत्र कभी गरीबी से जूझ रहा था, वह अब एक समृद्ध राज्य बन गया है। तेलंगाना के लोग गरीब नहीं हैं — वे 'माँ तेलंगाना' की संतान हैं और आज खुशहाली व संपन्नता के साथ जीवन जी रहे हैं।'
आलोचकों को जवाब
बीआरएस नेता ने यह भी कहा कि यह रिपोर्ट उन लोगों के आरोपों का उचित जवाब है जो दावा कर रहे थे कि तेलंगाना आर्थिक रूप से दिवालिया हो गया है। उनके अनुसार, 'तेलंगाना एक असफल राज्य नहीं बना, बल्कि यह एक सफल और समृद्ध राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है।' केटीआर ने यह भी दावा किया कि न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठन भी केसीआर के नेतृत्व में राज्य की आर्थिक प्रगति की पुष्टि करते हैं।
तेलंगाना गठन के बाद आर्थिक बदलाव
केटीआर ने दावा किया कि तेलंगाना के गठन के बाद से राज्य की संपत्ति और नागरिकों की आय में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने उन सभी नागरिकों को बधाई दी जिन्होंने अपनी मेहनत, कौशल और बुद्धिमत्ता से राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ाया। गौरतलब है कि तेलंगाना का गठन 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर हुआ था, और यह रिपोर्ट उस दशक भर की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
आगे की राह
विश्व बैंक की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार सत्ता में है और बीआरएस विपक्ष की भूमिका में है। केटीआर का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इस उपलब्धि का श्रेय पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार की नीतियों को दे रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान सरकार इस आर्थिक गति को कैसे आगे बढ़ाती है।