क्या ठाकरे परिवार केवल लोगों को 'मामू' बनाना चाहता है?

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क्या ठाकरे परिवार केवल लोगों को 'मामू' बनाना चाहता है?

सारांश

पुणे में तहसीन पूनावाला ने ममता बनर्जी के ईडी के खिलाफ कोर्ट जाने के निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने ठाकरे परिवार को मीडिया की उपज बताया और सवाल उठाया कि वे जनता के लिए क्या कर रहे हैं। क्या वे सच में सत्ता में आने के लिए सक्षम हैं?

Key Takeaways

  • तहसीन पूनावाला का ईडी पर आरोप है कि वह भाजपा की सेवा कर रही है।
  • ठाकरे परिवार को केवल मीडिया द्वारा बढ़ावा दिया गया है।
  • बीएमसी चुनाव में ठाकरे परिवार का असली उद्देश्य केवल वोट बटोरना है।

पुणे, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता ममता बनर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ न्यायालय जाने की योजना बना रही हैं, जिसका समर्थन राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने रविवार को किया।

तहसीन पूनावाला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं सबसे पहले मुख्यमंत्री को काफी बधाई देता हूं, क्योंकि उन्होंने अद्भुत कार्य किया है। ईडी के अधिकारियों को याद रखना चाहिए कि सरकार का स्वरूप बदलता रहेगा। उनकी निष्ठा भारत के संविधान के प्रति होनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रति।"

उन्होंने कहा, "मैंने ईडी का नया नाम बीडी यानी बजरंग दल रखा है। यह जांच एजेंसी भाजपा का हिस्सा बन गई है और मैं इसका प्रमाण देता हूं कि इसने 2014 के बाद 190 से अधिक राजनीतिक मामलों की जांच की है, जिनमें से 90 प्रतिशत मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं। सरकार जिस अजित पवार को चक्की में पीसने वाली थी, वे आज देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के साथ हैं। जिस छगन भुजबल को वे जेल भेजना चाहते थे, अब उनकी फाइल रुकी हुई है और वे भाजपा के साथ गठबंधन में हैं।"

पूनावाला ने कहा, "ईडी का काम मनी लॉन्ड्रिंग को पकड़ना था, लेकिन अब यह भाजपा की लॉन्ड्रिंग सेवा का कार्य कर रही है। ईडी को यह समझना चाहिए कि उन्हें बजरंग दल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संस्था बनकर संविधान का पालन करना चाहिए।"

उन्होंने बीएमसी चुनाव में ठाकरे भाइयों के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, "ठाकरे परिवार कोई ब्रांड नहीं है। केवल मीडिया उन्हें बड़ा बनाता है। वे चुनाव नहीं जीत सकते। वे मुंबई के लोगों को मामू बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। उनका उद्देश्य मराठी मानुस और मुसलमान के वोट पर जीत दर्ज करना है। लोगों को पूछना चाहिए कि उन्होंने मराठी मानुष के लिए क्या किया है?"

उन्होंने कहा, "जो लोग मुसलमानों के वोट का अधिकार लेना चाहते थे, अब वही मुसलमान और मराठी मानुष के वोट पर शासन करना चाहते हैं, क्योंकि बीएमसी का बजट 70,000 करोड़ रुपये सालाना है। ठाकरे परिवार कोई ब्रांड नहीं है, वे सिर्फ लोगों को मामू बनाना चाहते हैं।"

Point of View

लेकिन अंततः जनता को यह देखना चाहिए कि कौन उनकी आवश्यकताओं के प्रति सच में गंभीर है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

तहसीन पूनावाला ने क्या कहा?
तहसीन पूनावाला ने कहा कि ईडी अब भाजपा का एक अंग बन गई है और ठाकरे परिवार केवल मीडिया के बल पर लोगों को गुमराह कर रहा है।
बीएमसी चुनाव में ठाकरे परिवार का क्या महत्व है?
ठाकरे परिवार का बीएमसी चुनाव में महत्व इसलिए है क्योंकि उनका वोट बैंक मजबूत है, लेकिन पूनावाला का कहना है कि उनका असली उद्देश्य केवल अपने हितों को साधना है।
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