टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी: एआईसीडब्ल्यूए ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा, बॉलीवुड सुरक्षा के लिए NIA जाँच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने 19 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू, मुंबई में हुई गोलीबारी के मद्देनज़र तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। इस घटना में दो लोगों को गोलियाँ लगी हैं और टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे। एसोसिएशन ने इसे बॉलीवुड हस्तियों के विरुद्ध हमलों की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा बताया है।
घटना का विवरण
एआईसीडब्ल्यूए अध्यक्ष के अनुसार, टाइगर श्रॉफ अपनी कार के अंदर बैठे थे, जब मुंबई के प्रमुख इलाके जुहू में उन पर गोली चलाई गई। घटना का वीडियो सामने आया है जिसे संगठन ने 'रोंगटे खड़े कर देने वाला' बताया है। गुप्ता ने कहा कि टाइगर श्रॉफ की सूझबूझ के कारण ही एक बड़ी त्रासदी टल गई।
हमलों की बढ़ती श्रृंखला
एआईसीडब्ल्यूए ने इस घटना को अलग-थलग नहीं, बल्कि एक खतरनाक प्रवृत्ति का हिस्सा बताया। संगठन ने कई पूर्व घटनाओं का उल्लेख किया — बांद्रा स्थित अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग, बांद्रा में अभिनेता सैफ अली खान पर चाकू से हमला, जुहू में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग, और कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर बार-बार हुए हमले। गुप्ता ने कहा, 'पिछली घटनाओं में गैंगस्टरों ने खुलेआम जिम्मेदारी ली थी, फिर भी उनके पीछे काम करने वाले नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं।'
अंडरवर्ल्ड का खौफ लौटने की आशंका
एआईसीडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा कि 'अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे कभी काबू में कर लिया गया था, 2026 में मुंबई की सड़कों पर फिर लौट आया है।' उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो बड़े कलाकार और हस्तियाँ डर के मारे मुंबई छोड़ने पर मजबूर हो सकती हैं, जिसका असर फिल्म उद्योग में काम करने वाले लाखों कामगारों की आजीविका पर पड़ेगा। संगठन ने विशेष रूप से दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ने वाले संभावित असर की ओर ध्यान दिलाया।
एआईसीडब्ल्यूए की माँगें
संगठन ने गृह मंत्री से माँग की है कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) सहित केंद्रीय एजेंसियों को महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर हमले के पीछे सक्रिय गैंग नेटवर्क, उनके हैंडलर्स और वित्त पोषकों की जाँच करने के निर्देश दिए जाएँ। इसके अलावा माँगें की गई हैं — गोली चलाने वालों और उन्हें आदेश देने वालों की गिरफ्तारी, जबरन वसूली नेटवर्क को तोड़ना, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा, फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन, और एक निश्चित समय-सीमा में कार्रवाई की रिपोर्ट। एआईसीडब्ल्यूए ने कहा, 'अगर टाइगर श्रॉफ जैसी मशहूर हस्ती शहर के बीचों-बीच सुरक्षित नहीं है, तो एक आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है?'
आगे क्या होगा
फिलहाल मामले की जाँच मुंबई पुलिस कर रही है। एआईसीडब्ल्यूए के पत्र के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या केंद्रीय एजेंसियाँ इस मामले में दखल देती हैं। बॉलीवुड में यह बहस तेज हो गई है कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के लिए एक समग्र सुरक्षा ढाँचा कैसे बनाया जाए।