त्रिपुरा: टीटीएएडीसी चुनाव के लिए टिपरा मोथा पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की
सारांश
Key Takeaways
- टीटीएएडीसी चुनाव १२ अप्रैल को होंगे।
- टीएमपी ने अपने प्रमुख उम्मीदवारों की घोषणा की।
- भाजपा सभी २८ सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
- चुनाव आदिवासी समुदाय के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- आईपीएफटी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए।
अगरतला, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा अपने उम्मीदवारों की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, उसके सहयोगी दल टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) ने त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की।
पार्टी के संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा और अध्यक्ष बिजॉय कुमार ह्रंगखॉल ने मंगलवार की रात संयुक्त रूप से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया।
टीटीएएडीसी के चेयरमैन जगदीश देबबर्मा जिरानिया सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि मुख्य कार्यकारी सदस्य पूर्ण चंद्र जमातिया किल्ला-बागमा सीट से दोबारा मैदान में उतरेंगे।
इससे एक दिन पहले देबबर्मा ने स्पष्ट किया था कि १२ अप्रैल को होने वाले चुनाव में भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि २ मार्च २०२४ को हुए त्रिपक्षीय समझौते पर ठोस प्रगति के बिना किसी भी चुनावी समझौते की संभावना नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल आश्वासन ही स्वीकार्य नहीं हैं, बल्कि इनका ग्राउंड लेवल पर क्रियान्वयन आवश्यक है।
इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य ने घोषणा की कि उनकी पार्टी सभी २८ सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने बताया कि भाजपा वर्तमान में टीटीएएडीसी में नौ सदस्यों के साथ मौजूद है, जिनमें से सात को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है।
टीटीएएडीसी के ३० सदस्यीय परिषद के लिए मतदान १२ अप्रैल को होगा और मतगणना १७ अप्रैल को की जाएगी। इस परिषद में २८ निर्वाचित और २ मनोनीत सदस्य होते हैं।
यह चुनाव राज्य की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है, जहाँ आदिवासी समुदाय के अधिकार, पहचान और भविष्य जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
गौरतलब है कि टीएमपी २०२१ से टीटीएएडीसी पर शासन कर रही है और इस बार भी वह अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए चुनाव को एक निर्णायक लड़ाई के रूप में देख रही है।
वहीं, भाजपा के अन्य सहयोगी त्रिपुरा का मूल निवासी मोर्चा (आईपीएफटी) ने भी नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
राज्य में इस बार बहुकोणीय मुकाबले की संभावना है, जिसमें भाजपा, टीएमपी, आईपीएफटी, कांग्रेस और वाम दल सभी आदिवासी वोटरों को अपने पक्ष में लाने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं।