उज्ज्वल रमन सिंह का तंज: यूपी में खाद की कमी के पीछे क्या है असली वजह?
सारांश
Key Takeaways
- यूपी में खाद संकट का मुख्य कारण सरकार की नीतियाँ हैं।
- मंहगाई से जनता परेशान है।
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका है।
- कुकिंग गैस की कमी गंभीर है।
- सीएपीएफ रेगुलेशन बिल पर सरकार पर सवाल उठाए गए हैं।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंहगाई के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा ही इसके लिए जिम्मेदार है।
कांग्रेस के सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई वैश्विक संकट या युद्ध की स्थिति नहीं थी, तब भी उत्तर प्रदेश में डाई अमोनियम फॉस्फेट और यूरिया की कमी का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रयागराज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां खाद की कमी पहले से ही थी और अब जब पश्चिमी एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है, तो इसका प्रभाव पूरे देश पर देखा जा रहा है।
सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने यह भी कहा कि भविष्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियाँ सामान्य नहीं हैं और सरकार सही जानकारी नहीं दे रही है। उनके अनुसार, आम जनता को असली हालात से दूर रखा जा रहा है।
सरकार की ओर से आवश्यक पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी माफ करने के मामले पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "इससे जनता को कोई लाभ नहीं हो रहा है, बल्कि उन्हें और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, पूरे देश में कुकिंग गैस की भारी कमी हो रही है और हम सभी को इन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।"
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "देश की स्थिति को भाजपा ने बिगाड़ दिया है, जनता को गैस के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है और सरकार इस पर मौन है। कांग्रेस की सरकार जल्द ही आएगी, और तब सभी को सुरक्षा मिलेगी।"
सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "सरकार की जानकारी गलत है। उनके मंत्री कहते हैं कि कोई संकट नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री के क्षेत्र में लाइन लगी है। अगर कोई संकट नहीं है, तो ऐसे निर्देश देने का क्या अर्थ है?"
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सीएपीएफ रेगुलेशन बिल पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा बलों में भेदभाव कर रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त चर्चा के इस बिल को पारित किया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आज़ाद ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी बातों को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि वे सभी वर्गों की नेता हैं और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है।