भारी बारिश: यूपी के कानपुर, प्रयागराज, हरदोई समेत कई जिलों में 26 सितंबर को स्कूल बंद, छत्तीसगढ़ में CM साय का राज्यव्यापी अवकाश आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 25 सितंबर 2026 को जारी भारी बारिश के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों राज्यों के प्रशासन ने 26 सितंबर को स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश में जिलेवार आदेश जारी किए गए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में एकदिवसीय अवकाश घोषित किया है।
उत्तर प्रदेश में जिलेवार स्थिति
कानपुर में अत्यधिक वर्षा के चलते कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। हरदोई में भारी बारिश और अतिवृष्टि को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे।
उन्नाव में करीब 12 घंटे से जारी लगातार बारिश के बीच बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पांडेय ने कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी किया। प्रयागराज में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यालयों में छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी है।
राज्य के अन्य जिलों में भी स्थानीय प्रशासन ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए इसी प्रकार के निर्णय लिए हैं। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का राज्यव्यापी आदेश
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 26 सितंबर 2026 को पूरे राज्य में सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी और कहा कि 'छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है।'
मुख्यमंत्री साय ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को घर पर रखें और स्वयं भी अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने आम जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया।
प्रयागराज प्रशासन की मौसम एडवाइजरी
प्रयागराज जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर 25 से 27 सितंबर के बीच आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों को टिन की छत, होर्डिंग, बिजली के खंभों, पेड़ों और मोबाइल टावर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न होने, तालाब एवं जलाशयों से दूरी बनाए रखने तथा धातु की वस्तुओं को न छूने की हिदायत दी गई है। बिजली चमकने की स्थिति में पक्के भवन में शरण लेने और मौसम की अद्यतन जानकारी के लिए 'सचेत' और 'दामिनी' ऐप के उपयोग की सलाह भी दी गई है।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मानसून की विदाई के दौर में उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में असामान्य रूप से भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि इस मौसम में जलभराव और आकाशीय बिजली से होने वाली दुर्घटनाएँ बड़ी संख्या में बच्चों और आमजन को प्रभावित करती हैं।
स्कूल बंद होने से लाखों बच्चों के अभिभावकों को एक दिन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन की अपील है कि इस दौरान बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखा जाए और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया जाए।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर 27 सितंबर तक स्थिति पर निगरानी जारी रहेगी। यदि बारिश का सिलसिला थमा नहीं, तो संबंधित जिलों में छुट्टी आगे बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन स्थिति का जायज़ा लेते हुए आवश्यक निर्णय लेगा।