यूपी में 13 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले, चार मंडलायुक्त बदले गए
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 अगस्त 2026 को प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत 13 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए, जिसमें चार मंडलायुक्तों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। आवास, कृषि, ऊर्जा, गृह और लोक निर्माण विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में भी नई तैनातियाँ की गई हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में यह बदलाव प्रशासनिक कसावट और विभागीय कार्यों में तेज़ी लाने के उद्देश्य से किए गए बताए गए हैं।
मंडलायुक्तों में बड़ा फेरबदल
गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा को आवास आयुक्त, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के साथ-साथ निदेशक नगर भूमि सीमारोपण और सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह को गोरखपुर का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव को बस्ती का मंडलायुक्त बनाया गया है, जबकि गृह एवं सतर्कता विभाग के सचिव प्रकाश बिन्दु को पीसीडीएफ का नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। बरेली के मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी को सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग की ज़िम्मेदारी दी गई है और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार को बरेली का नया मंडलायुक्त बनाया गया है।
प्रयागराज और अन्य विभागों में नई तैनातियाँ
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. लोकेश एम. को प्रयागराज का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। प्रयागराज की पूर्व मंडलायुक्त सोनिया अग्रवाल को श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य (न्यायिक) संदीप कुमार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
कृषि और औद्योगिक विभागों में बदलाव
प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नोएडा में भी प्रशासनिक बदलाव
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव पुष्प राज सिंह को नोएडा का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। वहीं नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल को विशेष सचिव, गृह विभाग में तैनाती दी गई है। यह बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब प्रदेश सरकार प्रमुख विभागों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।