मध्य प्रदेश में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: 30 से अधिक अफसरों को नई जिम्मेदारियां, तत्काल प्रभाव से लागू
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 17 जून 2026 को एक व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 30 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी। इस फेरबदल में राजस्व, ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय कल्याण सहित दर्जनों विभाग प्रभावित हुए हैं।
वरिष्ठ IAS अधिकारियों की प्रमुख नियुक्तियां
मुकेश चंद गुप्ता (1998 बैच) को जेल विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें ग्वालियर स्थित राजस्व बोर्ड के सदस्य का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
डॉ. ई. रमेश कुमार (1999 बैच), जो पूर्व में अनेक सामाजिक कल्याण विभागों की देखरेख कर रहे थे, अब राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। उन्हें राहत आयुक्त, पुनर्वास आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव तथा घुमंतु और अर्ध-घुमंतु जनजाति विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
विवेक कुमार पोरवाल (2000 बैच) को खनिज संसाधन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। संजय सिंह (2005 बैच), जो भोपाल संभाग के आयुक्त थे, अब खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
बाबू सिंह जमोद (2006 बैच), जो रीवा संभाग के आयुक्त थे, को नगरीय विकास और आवास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। दीपक सिंह (2007 बैच) को सहकारी समितियों का आयुक्त-सह-रजिस्ट्रार बनाया गया है।
ऊर्जा, वित्त और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव
अलोक कुमार सिंह (2008 बैच) को पंजीयन महानिरीक्षक और स्टांप अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। अमित तोमर (2009 बैच) को ऊर्जा विकास निगम का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है और उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
सतेंद्र सिंह (2009 बैच) को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त-सह-निदेशक, अनुसूचित जाति विकास आयुक्त तथा एमपी राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
रोहित सिंह (2012 बैच) को मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है और साथ ही उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव का प्रभार दिया गया है। हर्षिका सिंह (2012 बैच) को बजट निदेशक नियुक्त किया गया है।
संभागीय और जनजातीय विभागों में पुनर्गठन
कर्मवीर शर्मा (2010 बैच) को भोपाल संभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि शैलेंद्र सिंह (2010 बैच) को रीवा संभाग का आयुक्त बनाया गया है। भास्कर लक्कर (2010 बैच) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का आयुक्त-सह-निदेशक बनाया गया है और उन्हें खाद्य विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नेहा मार्का सिंह (2011 बैच) को जनजातीय क्षेत्र विकास योजनाओं की निदेशक, एमएपीसीईटी की प्रबंध निदेशक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक और जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान की निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मनोज पुष्प (2011 बैच) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है और उन्हें खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नए बैच के अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद
अमनबीर सिंह बैस (2013 बैच) को कोषागार एवं लेखा विभाग का संयुक्त आयुक्त-सह-अतिरिक्त आयुक्त बनाया गया है और उन्हें वित्त विभाग में अतिरिक्त सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। कैलाश वंकेडे (2013 बैच) को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
विनय निगम (2014 बैच) को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। अरविंद कुमार शाह (2021 बैच) को आयुष्मान भारत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
के.सी. गुप्ता (1992 बैच) को कृषि उत्पादन आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। अनिरुद्ध मुखर्जी (1993 बैच) को पर्यावरण विभाग के पर्यावरण आयुक्त और ईसीओ के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
गुलशन बामरा (1997 बैच) को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सोनिया मीना (2013 बैच), अतिरिक्त सचिव, वित्त विभाग, को अस्थायी रूप से संस्थागत वित्त के आयुक्त-सह-निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
यह व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने की कोशिश में है। आने वाले हफ्तों में नवनियुक्त अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के साथ विभागीय कामकाज की दिशा स्पष्ट होगी।