मध्य प्रदेश में 32 IAS अफसरों का तबादला: संजना जैन बनीं जल संसाधन उपसचिव, जानें पूरी सूची
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 21 अगस्त 2026 को एक बड़ी प्रशासनिक फेरबदल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 32 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल द्वारा जारी आदेश के तहत यह व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया है, जिसमें संजना जैन को जल संसाधन विभाग में उपसचिव नियुक्त किया गया है।
मुख्य नियुक्तियाँ
जगदीश कुमार गोमा को सागर जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है, जबकि अभिषेक चौधरी को नगर निगम ग्वालियर का आयुक्त नियुक्त किया गया है। संघ प्रिय को सिंगरौली जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
अक्षय कुमार को नगर निगम भोपाल में अपरायुक्त, ज्योति शर्मा और अनिल कुमार डामोर को मध्य प्रदेश शासन में उप सचिव, तथा अंजलि जोसेफ को लोक निर्माण विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
जिला पंचायत और नगर निगम पुनर्गठन
नवीन कुमार धुर्वे को देवास, सृष्टि देशमुख को रीवा, सौम्या आनंद को सीधी, ऐश्वर्या वर्मा को खंडवा, कार्तिकेय जायसवाल को श्योपुर, विशाल धाकड़ को टीकमगढ़, अर्पित गुप्ता को बड़वानी और तनुश्री मीणा को बालाघाट जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
नागार्जुन गोंडा को नगर निगम सतना का आयुक्त, अभिषेक सराफ को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपरायुक्त, विवेक के वी को जबलपुर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तथा आशीष को नगर पालिका निगम इंदौर का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
शिक्षा और अन्य विभागों में बदलाव
काजल जवाला को राज्य शिक्षा केंद्र में अपर मिशन संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। सोनाली देव को मध्य प्रदेश शासन में उपसचिव और श्रद्धा शुक्ला को खंडवा में अपर कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारियों की नियुक्तियाँ
आशीष कुमार को बीना में अनुविभागीय अधिकारी, अनिकेत शांडिल को बैहर-बालाघाट, आकाश अग्रवाल को मझौली-सीधी, पाटिल आशीष अशोक को कुक्षी-धार, सुषिर श्रीकृष्णा श्रीराम को देवसर-सिंगरौली, कुलदीप पटेल को बिछिया-मंडला, फरहान इरफान को शाहपुर-डिंडोरी, ठाकरे ऋषिकेश विजय को बिजावर-छतरपुर और नवकिरण कौर को डबरा-ग्वालियर में विभागीय अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य सरकार की जिला और नगरीय प्रशासन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में नवनियुक्त अधिकारियों के अपने-अपने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक कार्यों की गति पर नज़र रहेगी।