उत्तर प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के लिए पीसीयू शिथिलीकरण के छह प्रस्तावों को मिली मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
- सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
- इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन निर्धारित समय सीमा में होगा।
- स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।
- सड़क नेटवर्क में मजबूती आएगी।
लखनऊ, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में सड़क परियोजनाओं के लिए पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) में शिथिलीकरण से संबंधित छह प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं का कार्यान्वयन निश्चित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम होगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत बुलंदशहर जिले में 2491 लाख रुपए की लागत से एनएच-334सी (गाजियाबाद-बुलंदशहर जीटी रोड) से प्रस्तावित 75 मीटर चौड़ी एनएचएआई लिंक सड़क तक 30 मीटर चौड़ा महायोजना मार्ग का निर्माण किया जाएगा। यह मार्ग एनएच-334सी को एनएच-334 (अलीगढ़-मेरठ मार्ग) से जोड़ देगा और इसकी कुल लंबाई 2.45 किलोमीटर होगी।
जौनपुर जिले में 525.46 लाख रुपए की लागत से त्रिकोलिया-अखंडनगर मार्ग के किलोमीटर-19 से सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायो गैस) प्लांट गैरवाह तक 2.435 किलोमीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जालौन जिले में 4088.95 लाख रुपए की लागत से कालपी तहसील क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र कांशीराम कॉलोनी से काशीखेड़ा तक लगभग 7.4 किलोमीटर लंबी सड़क का नया निर्माण किया जाएगा।
इसी क्रम में गाजीपुर जिले में 8513.67 लाख रुपए की लागत से अंधऊ-चौकियां बाईपास मार्ग का ग्रीनफील्ड निर्माण किया जाएगा, जिसकी लंबाई लगभग 3.9 किलोमीटर होगी। चित्रकूट जिले में 450 लाख रुपये की लागत से नवीन थाना सरधुवा को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए एक किलोमीटर लंबा पहुंच मार्ग तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा, गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 9645.25 लाख रुपए की लागत से 2.665 किलोमीटर लंबा चार लेन मार्ग बनाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद प्रदेश में सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा तथा औद्योगिक, खेल और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी।