यूपी में नवरात्र सप्तमी से नवमी तक 26 मंदिरों में दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी गीत, 78 कलाकार देंगे प्रस्तुति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) के दौरान प्रदेश के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया है। मिशन शक्ति के अंतर्गत इन कार्यक्रमों में पारंपरिक देवी गीतों का गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ शामिल होगा, जिसका उद्देश्य शक्ति आराधना की परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश फैलाना है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रत्येक मंदिर पर तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे, जिससे कुल 78 कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहने की बात बताई गई है। देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में तीन-तीन स्थानीय कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, यानी इन चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को मौका मिलेगा। शेष 22 मंदिरों में भी तीन-तीन कलाकार प्रदर्शन करेंगे।
किन मंदिरों में होगा आयोजन
सरकार ने जिन 26 मंदिरों को इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम के लिए चुना है, उनमें शामिल हैं — मां विंध्यवासिनी देवी (मीरजापुर), विशालाक्षी मंदिर (वाराणसी), ज्वाला देवी (सोनभद्र), सीता समाहित स्थल (भदोही), अलोपशंकरी देवी (प्रयागराज), ललिता देवी (प्रयागराज), कड़ावासिनी (कौशांबी), देवीपाटन (बलरामपुर), ललिता देवी नैमिषारण्य (सीतापुर), शाकुंभरी देवी (सहारनपुर), कात्यायनी देवी (मथुरा), मां शीतला चौकिया धाम (जौनपुर), बेल्हा देवी (प्रतापगढ़), महालक्ष्मी देवी मंदिर (वाराणसी), चंद्रिका देवी (उन्नाव), देवकाली मंदिर (औरैया), मां तरकुलहा देवी धाम (गोरखपुर), मां शीतला माता स्थल (मऊ), मां सिंह वाहिनी काली देवी (चित्रकूट), गायत्री शक्तिपीठ (हमीरपुर), बैरागढ़ माता (कोंच, जालौन), कूष्मांडा देवी (घाटमपुर), शीतला माता मंदिर (मैनपुरी), चामुंडा देवी मंदिर (फिरोजाबाद), चंद्रिका देवी मंदिर (लखनऊ) और संकटा देवी मंदिर (लखनऊ)।
सरकार की मंशा और मंत्री का बयान
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें।' मंत्री ने यह भी कहा कि इन कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों — विशेषकर महिला कलाकारों — की आजीविका को भी सहारा मिलेगा।
गौरतलब है कि मिशन शक्ति योजना योगी सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को महिला सशक्तीकरण के संदेश से जोड़ा जाता रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब प्रदेश सरकार नवरात्र पर्व के दौरान धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के व्यापक प्रयास कर रही है।
आम जनता और कलाकारों पर असर
इन आयोजनों से एक ओर जहाँ श्रद्धालुओं को मंदिरों में पारंपरिक देवी गीत और दुर्गा सप्तशती पाठ सुनने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर 78 स्थानीय कलाकारों — जिनमें अधिकांश महिलाएँ हैं — को सरकारी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने और आजीविका के लिए एक सशक्त अवसर मिलेगा। यह पहल लोक संस्कृति संरक्षण के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजनों का विस्तार अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर भी किए जाने की संभावना है, जिससे प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन और कलाकारों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।